ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट के लिए दुल्हन सा सज रहा भोपाल, मेहमानों को परोसे जाएंगे प्रदेश के प्रसिद्ध व्यंजन
MP News : भोपाल। राजधानी में 24 और 25 फरवरी को ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट का आयोजन हो रहा है। समिट की तैयारी को लेकर प्रदेश सरकार ने सभी विभागों को लगा दिया है। समिट से पहले भोपाल को दुल्हन की तरह सजाया जा रहा है। 12 करोड़ की लागत से सड़कों को सुधारा जा रहा है। दीवारों पर करीब 3 करोड़ की सुंदर चित्रकारी की हो रही है। अगले 15 दिन के भीतर पूरा शहर अलग ही नजर आएगा। समिट में भारत के प्रमुख उद्योगपति अंबानी, अडाणी, महिंद्रा, टाटा सहित कई बड़े बिजनेस लीडर्स शामिल होंगे। साथ ही जापान, स्पेन और अन्य देशों से विदेशी निवेशक भी आएंगे।

MP News : शहर को संवारने में नगर निगम और पीडब्ल्यूडी मिलकर 12 करोड़ से ज्यादा खर्च करेंगे। इस दौरान सबसे ज्यादा खर्च लाइटिंग और सड़कों को सुधारने पर किया जा रहा है। शहर की सभी सरकारी और हैरिटेज इमारतों पर लाइटिंग की व्यवस्था की जा रही है। एयरपोर्ट से लेकर लालघाटी, वीआईपी रोड, पॉलीटेक्निक चौराहा, राजभवन और मंत्रालय के आस-पास की सभी सड़कों को सुधारा जा रहा है।दीवारों पर कलात्मक चित्रकारी कराई जा रही है। जबकि 84 लाख की लागत से नगर निगम द्वारा सिविल स्ट्रक्चर वर्क पेटिंग और अलग-अलग इलाकों में सौंदर्गीकरण का काम किया जा रहा है।
MP News : वहीं शहर में होने वाली लाइटिंग पर करीब पौने 4 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। लगभग 92 लाख की लागत से सड़कों के लैम्प पोस्ट, चौराहों सहित कॉर्नर और पाकों के बाहर लाइटिंग का काम किया जा रहा है। इसी तरह लगभग 1 करोड़ 40 लाख की लागत से लाइटिंग, 1 करोड़ 35 लाख की लागत से सरकारी इमारतों पर फसाड लाइटिंग होगी।

MP News : 50 तरह के परोसे जाएंगे व्यंजन-
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए ऐसा मेन्यू तैयार किया जा रहा है, जिससे मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक और खान-पान विरासत की ब्रांडिंग भी हो। मेन्यू को प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों की खास डिशेस के आधार पर तैयार किया जा रहा है। इसमें मालवा, निमाड़, बुंदेलखंड और बघेलखंड की पारंपरिक और लोकप्रिय डिशेस शामिल होंगी। कुल 50 तरह के व्यंजन परोसे जाएंगे, जिनमें इंडियन, कॉन्टिनेंटल और चाइनीज जैसे इंटरनेशनल फूड भी रहेंगे। इस खास मेन्यू का उद्देश्य विदेशी व भारतीय मेहमानों को एमपी के स्वाद और व्यंजनों से रूबरू कराना है, ताकि राज्य की खानपान संस्कृति को वैश्विक पहचान मिले।

