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भोपाल की सड़के बनी आवारा मवेशियों की आरामगाह, सड़कों पर चलना हुआ दुश्वार
भोपाल में पिछले कई सालों में ऐसी दुर्घटनाओं में लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, लेकिन हालात में कोई सुधार नहीं हुआ हैं।

भोपाल। राजधानी भोपाल की सड़के आवारा मवेशियों का घर बनी हुई है। शहर की सड़को पर आवारा मवेशी कब्जा कर बैठे रहते हैं जिससे आए दिन दुर्घटनाओं में लोगो को अपनी जान गवाना पड़ रही है। मानसून के दौरान न सिर्फ शहर के बाहरी इलाकों में बल्कि व्यस्त बाजारों और रिहायशी इलाकों में भी आवारा मवेशी सड़कों पर बैठे देखे जा सकते हैं। सड़क पर बैठे आवारा मवेशियों के कारण हुई सड़क दुर्घटना में बीते दिनों बाइक सवार 26 वर्षीय वीडियोग्राफर गौरव सिसौदिया अंधेरे में मवेशियों से टकरा कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर चुके हैं।
ये कोई पहला मामला नहीं है, भोपाल में पिछले कई सालों में ऐसी दुर्घटनाओं में लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, लेकिन हालात में कोई सुधार नहीं हुआ हैं। हादसे में सिर्फ इंसान ही नही बल्कि मवेशी भी बुरी तरह घायल हो रहे हैं। अभी यह हाल है की कैटल फ्री सिटी भोपाल में 10 हजार मवेशी सड़क पर घूम रहे हैं। प्रशासन इन पशुओं को सड़क पर से हटाने में असहाय बना हुआ है। नगर निगम भोपाल की और से गायों को गौशाला भेजने की योजना भी फेल हो रही है, क्योंकि गौशालाएं भी लगभग फूल होती जा रही है।
मेयर मालती रॉय की मानो तो भोपाल के लोग आवारा मवेशियों को पकड़ने गई निगम की टीमों का सहयोग नहीं कर रहे हैं। भोपाल नगर निगम अब आवारा पशुओं को सड़कों पर छोड़ने वाले पशु मालिकों के खिलाफ FIR दर्ज करवाने का काम कर रही है,दो लोगों पर मामला दर्ज भी हो गया है। पशु मालिकों को समझाना भी निगम के लिए चुनौती बनता जा रहा है।
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