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Mahakumbh 2025 : महाकुंभ में पहुंचे चाबी वाले बाबा, 20 किलो की चाबी के पीछे का रहस्य जानिए
- Rohit banchhor
- 05 Jan, 2025
इस रहस्यमयी साधु को लोग "चाबी वाले बाबा" या "कबीरा बाबा" के नाम से जानते हैं।
Mahakumbh 2025 : प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ मेला इस साल एक बार फिर धार्मिक और अध्यात्मिक आस्था का केंद्र बन चुका है। जहां लाखों लोग इस महापर्व में भाग लेने के लिए प्रयागराज पहुंचे हैं, वहीं कई साधु-संत भी अपनी विशिष्ट पहचान और संदेश के साथ मेला क्षेत्र में मौजूद हैं। इनमें से एक साधु हैं जिनकी 20 किलो की भारी लोहे की चाबी ने उन्हें एक अनोखी पहचान दिलाई है। इस रहस्यमयी साधु को लोग "चाबी वाले बाबा" या "कबीरा बाबा" के नाम से जानते हैं।
Mahakumbh 2025 : चाबी वाले बाबा का अनोखा अंदाज-
50 वर्षीय हरिश्चंद्र विश्वकर्मा जिन्हें चाबी वाले बाबा के नाम से जाना जाता है, हमेशा अपने साथ एक बड़ी और भारी लोहे की चाबी रखते हैं। बाबा का कहना है कि यह चाबी जीवन और अध्यात्म का प्रतीक है। उनके पास एक रथ भी है जिसमें सिर्फ चाबियां भरी हुई हैं, और हर चाबी का अपना एक विशेष इतिहास है। बाबा का कहना है कि इन चाबियों के माध्यम से वह लोगों को अहंकार के ताले को खोलने का संदेश देते हैं।
Mahakumbh 2025 : जीवन में आया अध्यात्मिक मोड़-
हरिश्चंद्र का जन्म उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में हुआ था। बचपन से ही उनका झुकाव अध्यात्म की ओर था, लेकिन परिवार के डर के कारण वह अपनी बात नहीं रख पाते थे। 16 साल की उम्र में उन्होंने समाज में फैली बुराइयों और नफरत के खिलाफ आवाज उठाने का निर्णय लिया और घर छोड़ दिया। इसके बाद उन्होंने कबीरपंथी विचारधारा को अपनाया, जिसके बाद उन्हें "कबीरा बाबा" के नाम से जाना जाने लगा। बाबा ने अपनी यात्रा अयोध्या से शुरू की और अब वह कुंभ नगरी में पहुंचे हैं।

Mahakumbh 2025 : यात्रा की शुरुआत और चाबी का महत्व-
चाबी वाले बाबा की यात्रा साइकिल से शुरू हुई थी, लेकिन अब उनके पास एक रथ है जिसे वह खुद खींचते हैं। उनका कहना है कि इस रथ को खींचने के लिए उनके बाजू काफी मजबूत हो गए हैं। वह इस रथ के माध्यम से लोगों तक अपनी बात पहुंचाते हैं। बाबा का मानना है कि अहंकार को छोड़ देने से जीवन में अध्यात्मिक उन्नति होती है, और इसी संदेश को लेकर वह देशभर में यात्रा करते हैं।
Mahakumbh 2025 : चाबी और उसके राज में दिलचस्पी-
बाबा का कहना है कि चाबी के बारे में जानने के लिए बहुत से लोग उनके पास आते हैं, लेकिन वह बताते हैं कि अधिकांश लोग यह सोचकर उनका मुँह मोड़ लेते हैं कि वह उनसे पैसे मांगने आए हैं। फिर भी, कुंभ मेला क्षेत्र में बाबा को देखकर लोग चाबी के राज को समझने के लिए उनकी ओर आकर्षित होते हैं। बाबा का कहना है कि चाबी के माध्यम से हम जीवन के असली रहस्यों को खोल सकते हैं और इस दुनिया को एक नया दृष्टिकोण दे सकते हैं।
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