पेटीएम कर्मचारी बताकर साउंड बॉक्स को ठीक करने के बहाने कर रहे थे ठगी, दो गिरफ्तार
भोपाल। अपने आप को पेटीएम और फोनपे कंपनी का कर्मचारी बता कर छोटे दुकानदारों से ठगी करने वाले 2 ठगों को साइबर क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है। ये ठग दुकानों पर जाकर अपने आप को कंपनी का कर्मचारी बताते थे और उनसे पेटीएम मशीन के साउंड बाक्स को ठीक करने के बहाने उनके एकाउंट से पैसे निकाल लेते थे। फरियादी सत्तार खान की पान की दुकान है।
उन्होंने साइबर ब्रांच को शिकायत की थी, कि पेटीएम मशीन के साउंड बाक्स के वेरिफिकेशन और ठीक करने के बहाने पेटीएम कंपनी के कर्मचारी बनकर दो युवक उनकी दुकान पर आए। इसके बाद वह मोबाइल नंबर लेकर चले गए। बाद में फरियादी को पता चला कि उनके एकाउंट से 1 लाख 16 हजार कट गए। पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया।
जांच के बाद पुलिस ने दो आरोपी अकरम खान जो शुजालपुर का रहने वाला है और सिराज खान जो भोपाल का रहने वाला है को गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से फोनपे कंपनी के फर्जी आइडी कार्ड, 4 मोबाइल फोन, तीन फोनपे स्पीकर बाक्स और क्यूआर कोड जब्त किया गया।
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि इनमें से एक आरोपी फोनपे कंपनी में काम कर चुका है, जिससे उसे साउंड बाक्स और लेन-देन की प्रक्रिया की जानकारी थी। पुलिस का कहना है कि कियोस्क संचालकों की गिरफ्तारी और आरोपियों से पूछताछ में और भी ऐसी ठगी के खुलासे हो सकते है।
उन्होंने साइबर ब्रांच को शिकायत की थी, कि पेटीएम मशीन के साउंड बाक्स के वेरिफिकेशन और ठीक करने के बहाने पेटीएम कंपनी के कर्मचारी बनकर दो युवक उनकी दुकान पर आए। इसके बाद वह मोबाइल नंबर लेकर चले गए। बाद में फरियादी को पता चला कि उनके एकाउंट से 1 लाख 16 हजार कट गए। पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया।
जांच के बाद पुलिस ने दो आरोपी अकरम खान जो शुजालपुर का रहने वाला है और सिराज खान जो भोपाल का रहने वाला है को गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से फोनपे कंपनी के फर्जी आइडी कार्ड, 4 मोबाइल फोन, तीन फोनपे स्पीकर बाक्स और क्यूआर कोड जब्त किया गया।
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि इनमें से एक आरोपी फोनपे कंपनी में काम कर चुका है, जिससे उसे साउंड बाक्स और लेन-देन की प्रक्रिया की जानकारी थी। पुलिस का कहना है कि कियोस्क संचालकों की गिरफ्तारी और आरोपियों से पूछताछ में और भी ऐसी ठगी के खुलासे हो सकते है।

