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Iran-US ceasefire End: नाटो शिखर सम्मेलन में डोनाल्ड ट्रंप ने कर दिया ऐलान... सीजफायर खत्म, ईरान के जवाबी हमले से पश्चिम एशिया में तनाव

Iran-US ceasefire End: नाटो शिखर सम्मेलन में डोनाल्ड ट्रंप ने कर दिया ऐलान... सीजफायर खत्म, ईरान के जवाबी हमले से पश्चिम एशिया में तनाव
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Iran-US ceasefire End: अंकारा (तुर्की)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान बड़ा बयान देते हुए कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच हुआ सीजफायर अब समाप्त हो चुका है। उन्होंने ईरान पर समझौते की शर्तों का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए स्पष्ट कहा कि अब तेहरान के साथ किसी भी तरह की बातचीत "समय की बर्बादी" है। ट्रंप के इस बयान के बाद पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और दोनों देशों के बीच फिर से सैन्य टकराव की आशंकाएं तेज हो गई हैं।

Iran-US ceasefire End: बातचीत समय की बर्बादी:डोनाल्ड ट्रंप

Iran-US ceasefire End: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान पत्रकारों से बातचीत में कहा कि ईरान के साथ हुआ अस्थायी समझौता अब प्रभावी नहीं रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि तेहरान ने समझौते की शर्तों का सम्मान नहीं किया और परमाणु हथियारों से जुड़े मुद्दे पर अपने वादे से पीछे हट गया।

Iran-US ceasefire End: ट्रंप ने कहा, "मुझे लगता है कि ईरान के साथ हुआ समझौता अब खत्म हो चुका है। उनके साथ बातचीत करना सिर्फ समय की बर्बादी है।" उन्होंने ईरानी नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि समझौते के बाद उन्होंने सार्वजनिक रूप से यह दावा किया कि इस मुद्दे पर कभी कोई बातचीत ही नहीं हुई।

Iran-US ceasefire End: खाड़ी क्षेत्र में तनाव

इस बीच खाड़ी क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। ईरान ने दावा किया है कि उसने अमेरिकी हमलों के जवाब में 85 अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। ईरान के अनुसार यह कार्रवाई होर्मोज़गान प्रांत और महशहर बंदरगाह पर हुई अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के जवाब में की गई।

Iran-US ceasefire End: ईरानी दावों के बाद बहरीन और कुवैत समेत खाड़ी क्षेत्र के कई देशों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया। संभावित हवाई हमलों की आशंका के बीच चेतावनी सायरन बजाए गए और सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया गया।

Iran-US ceasefire End: बता दें कि, हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष रोकने तथा परमाणु कार्यक्रम सहित अन्य विवादित मुद्दों पर बातचीत आगे बढ़ाने के उद्देश्य से एक अस्थायी समझौता हुआ था। हालांकि ट्रंप के ताजा बयान से संकेत मिला है कि वॉशिंगटन अब उस समझौते को समाप्त मान रहा है। यदि दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई तेज होती है तो इसका असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति, कच्चे तेल की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी पड़ सकता है।


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