Top
Begin typing your search above and press enter to search.

Ayodhya Ram Mandir: सरयू मां की गोद में बनेगा 'पंचवटी द्वीप', जहां त्रेता युग का होगा अहसास

Ayodhya Ram Mandir: केंद्र व उत्तर प्रदेश की सरकार मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या नगरी को विश्व स्तर पर धार्मिक एवं

Ayodhya Ram Mandir: सरयू मां की गोद में बनेगा पंचवटी द्वीप, जहां त्रेता युग का होगा अहसास
X

अयोध्या। Ayodhya Ram Mandir: केंद्र व उत्तर प्रदेश की सरकार मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या नगरी को विश्व स्तर पर धार्मिक एवं आध्यात्मिक नगरी के रूप में अयोध्या धाम को विकसित करने का कार्य कर रही, जिसमें प्रमुख रूप से यह ध्यान दिया जा रहा है कि विश्व के किसी भी कोने से पर्यटक, रामभक्त व श्रद्धालु जैसे ही अयोध्या धाम पहुंचे तो उन्हें 'त्रेता युग' यानी कि श्रीराम की अयोध्या की अनुभूति का अहसास होने लगे, जिसके अंतर्गत अयोध्या नगरी में बहने वाली मां सरयू नदी के बीचों-बीच 75 एकड़ भूमि पर 100 करोड़ की लागत से नीलमय 'पंचवटी द्वीप' का निर्माण कराया जा रहा है, जहां आने वाले श्रद्धालुओं एवं रामभक्तों को त्रेता युग की अनुभूति का एहसास होगा।

Ayodhya Ram Mandir: इसलिए द्वीप में प्रमुख रूप से रामायण कालीन मूर्तियों म्यूरल और ऑडियो विजुअल तरिके से श्रीरामचरितमानस के खंडों का प्रस्तुतीकरण किया जाएगा, साथ ही यहां आए श्रद्धालुओं के लिए टेंट सिटी का भी निर्माण किया जायगा। यहां 5 स्टार जैसी आवासीय सुविधाओं के साथ और कई प्रकार की सुविधाएं आकर्षण के केंद्र होंगे और इसीलिए अयोध्या में हो रहे विकास कार्यों, परियोजनाओं को क्रियान्वयन करने से पूर्व देखा जाता है कि इस कार्य को श्रीराम के काल के किस कार्य या शैली में उतारा जा सकता है।

Ayodhya Ram Mandir: उसी के अनुरूप कार्य को निर्देशित किया जाता है, चाहे अयोध्या का श्रीराम रेलवे स्टेशन हो, चाहे वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा हो, अयोध्या के नवनिर्मित फोरलेन रामपथ मार्ग, श्रीरामजन्मभूमि मंदिर को जाने वाला जन्मभूमि पथ के साथ भक्ति पथ व धर्म पथ मार्गों का निर्माण हो चुका है। अयोध्या में छह प्रवेश द्वाऱ बनाए गए हैं, जिनके नाम रामायण के पात्रों के नाम पर रखे गए हैं। सरयू के घाटों व पुराने मठ-मंदिरों का सौंदर्यीकरण कराया जा रहा है, इत्यादि विभिन्न विकास के कार्य प्रगति पर चल रहे हैं, जिनके पूर्ण होने पर अयोध्या नगरी का स्वरूप ही बदल जाएगा।


Next Story
All Rights Reserved. Copyright @2019
Powered By Hocalwire