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25 को मनेगा यीशु मसीह का जन्मदिन, क्रिसमस के लिए सजकर तैयार हुए चर्च...

इस दौरान प्रभु यीशु मसीह का विश्व को दिए मानवता के संदेश का उल्लेख किया जा रहा है।

25 को मनेगा यीशु मसीह का जन्मदिन, क्रिसमस के लिए सजकर तैयार हुए चर्च...
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MP News : भोपाल। शहर में क्रिसमस का उत्साह नजर आने लगा है। अब इस पर्व को लेकर सिर्फ तीन दिन ही बचे है, जिसकी तैयारियां जोर-शोर से चल रही है। राजधानी के गिरजाघर आकर्षक रोशनी से जगमगाने लगे हैं। ईसाई समाज के लोग घर-घर जाकर व अनाथ आश्रम, वृद्धाश्रम में पहुंचकर गरीबों की मदद कर रहे हैं। इसके अलावा जगह-जगह लोग सांताक्लॉज की ड्रेस पहनकर बच्चों को टॉफियां और खिलौने बांट रहे हैं। बाजारों में भी गिफ्ट आइटम से लेकर लाइटिंग, खिलौने, क्रिसमस ट्री आदि की खरीदारी बढ़ गई है। साथ ही विशेष प्रार्थना की जाएगी।

MP News : क्रिसमस पर्व के लिए अब तीन दिन रह गया है। प्रभु यीशु के आगमन के इस आखिरी सप्ताह में श्रद्धालु प्रभु यीशु की आराधना में लीन है। शहर के गिरजाघरों में विशेष प्रार्थना की जा रही। साथ ही प्रभु यीशु के जन्म का संदेश देने के लिए झांकियां भी तैयार की जा रही है। उधर कैथोलिक चर्चों में 24 की रात्रि से ही क्रिसमस पर्व मनाने की शुरूआत हो जाती है, जो मध्यरात्रि के बाद तक रहती है। इसी प्रकार राजधानी के चर्चों में 25 दिसंबर को क्रिसमस के आयोजन किए जाएंगे। गोविन्दपुरा चर्च के फादर रेवरेन्ड अनिल मार्टिन ने बताया इस माह के प्रत्येक रविवार को सेवा दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। इस दौरान प्रभु यीशु मसीह का विश्व को दिए मानवता के संदेश का उल्लेख किया जा रहा है।

MP News : वही उन्होंने बताया कि क्रिसमस को लेकर शहर के कैथोलिक चर्च को आकर्षक ढंग से सज गए है। इसमें गोविन्दपुरा चर्च को लाइट की रंग-बिरंगी झिलमिलाती रोशनी व कागज के फूलों से सजाया जा रहा हैं। सभी गिरिजाघरों में हुई विशेष प्रार्थना सभा क्रिसमस के पूर्व आज आखिरी रविवार को सभी गिरिजाघरों में विशेष प्रार्थना सभा आयोजित की गई, जिसमें विश्व कल्याण के लिए प्रार्थना की हुई। शहर के ईसाई समुदाय में क्रिसमस की खुशियों का माहौल है और मसीही समुदाय 25 दिसंबर को प्रभु यीशु मसीह के जन्म के इस पावन पर्व को हर्षोल्लास के साथ मनाने की तैयारी कर रहा है।

MP News : इस अवसर पर विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें सबसे प्रमुख है कैरोल गायन की परंपरा। शाम ढलते ही शहर के विभिन्न चर्चों से गायन मंडलियां ईसाई परिवारों के घरों में जाकर प्रभु के जन्म का संदेश देते हुए कैरोल गा रहे हैं।


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