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चार दिवसीय आलमी तबलीगी इज्तिमा का समापन, दुआ-ए-खास के दौरान खुदा की बारगाह में उठे लाखों हाथ

चार दिवसीय आलमी तबलीगी इज्तिमा का समापन, दुआ-ए-खास के दौरान खुदा की बारगाह में उठे लाखों हाथ
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भोपाल। राजधानी भोपाल के ईटखेड़ी में चल रहे 77 वें चार दिवसीय आलमी तब्लीगी इज्तिमा का सोमवार को मौलाना साद द्वारा करवाई गई दुआ-ए-खास के साथ समापन हो गया। मौलाना ने दोपहर 12:23 पर दुआ शुरू की थी,जो 12:44 पर खत्म हुई। 21 मिनट की दुआ के दौरान दिल्ली मरकज के मौलाना साद ने 10 मिनट तक अरबी तो वही 11 मिनट तक उर्दू और हिंदी जबान में दुआ करवाई। उन्होंने इस दौरान जैसे ही कहा कि अल्लाह पूरे देश में अमन चैन और भाईचारा कायम रहे तो पूरा 300 एकड़ का परिसर अमीन की सदाओं से गूंज उठा।

मौलाना ने दुआ में कहां की ए अल्लाह, हम गुनाहगार हैं, खतावार हैं, तेरे हुक्म से गाफिल हैं, तेरी राह से भटके हुए हैं, तेरे नाफरमान हैं... लेकिन जो हैं, जैसे हैं तेरे बंदे हैं, तेरी किताब के कायल हैं, तेरे पैगंबर की सीरत को मानने वाले हैं....! ए अल्लाह हम सभी पर रहम फरमा दे...। उससे पहले चार दिन के इस आयोजन में देशभर से उलेमाओं की तकरीर हुई। सोमवार सुबह फजिर की नमाज के बाद की तकरीर में फिर से उन बातों को दोहराया गया। आखिरी दिन 15 लाख लोगो ने शामिल होकर देश में अमन चैन और भाईचारे की दुआ की। दुआ-ए-खास से पहले मौलाना सआद ने जमात में निकलने वालों को खास ताकीद की। कहा- ये अकीदा तोड़ने से खराब हालात होंगे। नेक राह जो बताई है, उस पर चलने वाले बनो, तो तुम्हारी हर परेशानी खत्म हो जाएगी। आपसी रिश्ते बेहतर रखें और सबके काम आएं।दुआ ए खास में शिरकत के लिए बड़ी तादाद में लोगों ने रात से ही इज्तिमागाह पहुंचना शुरू कर दिया था। कुछ लोगों ने अल सुबह इज्तिमागाह का रुख किया।

सुबह से दुआ के लिए दौड़ ने शहर की अधिकांश सड़कों को वाहनों से भर दिया। हर शख्स इस मजमा ए खास में शामिल होने के लिए उतावला दिखाई दे रहा था। जिस दौरान मौलाना सआद साहब दुआ कर रहे थे, सारा मजमा पिन ड्रॉप साइलेंट की मुद्रा में दिखाई दे रहा था। दूर दूर तक सिर्फ मौलाना सआद की आवाज गूंज रही थी और बीच बीच में लोगों की आमीन की आवाज़ें इसमें शामिल हो रही थीं।आलमी तबलीगी इज्तिमा के आखिरी दिन सोमवार को सुबह 9.30 बजे दुआ ए खास होने का ऐलान किया गया था। इस लिहाज से लोगों का इज्तिमागाह पहुंचने का सिलसिला भी अल सुबह से शुरू हो गया था। लेकिन काजी कैंप से लेकर नबी बाग तक जारी मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए लगाए गए बैरिकेड्स यातायात व्यवस्था की बाधा बन गए। तमाम इंतजाम के बाद भी करोंद चौराहा, इस्लामपुरा जोड़, मुबारकपुर ओवरब्रिज पर कई जगह जाम के हालात बन गए। इसको देखते हुए दुआ के तय समय में इजाफा किया गया


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