Hanuman Jayanti 2025 : इस मंदिर में है मूंछों वाले हनुमान, सैनिक रूप में होती है पूजा, सेना और भक्तों की अटूट आस्था, पढ़ें पूरी खबर...
Hanuman Jayanti 2025 : सागर। मध्य प्रदेश के सागर शहर के छावनी इलाके में स्थित परेड मंदिर न केवल एक धार्मिक स्थल है, बल्कि सेना के जवानों और स्थानीय लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र भी है। इस मंदिर में विराजे मूंछों वाले हनुमान को भक्त सैनिक के रूप में पूजते हैं। मंदिर की अनूठी मूर्ति और इसके पीछे की परंपरा इसे और भी खास बनाती हैं।
Hanuman Jayanti 2025 : बता दें कि परेड मंदिर में स्थापित भगवान हनुमान की मूर्ति सामान्य मूर्तियों से अलग है। जहां हनुमान को आमतौर पर वानर रूप में देखा जाता है, वहीं यहां उनकी रौबदार मूंछें, बड़ी-बड़ी आंखें और एक हाथ से सलामी देता हुआ रूप उन्हें सैनिक जैसा स्वरूप देता है। मूर्ति का चेहरा भक्ति और शक्ति का अनूठा संगम दर्शाता है। माना जाता है कि यह मूर्ति भक्तों की श्रद्धा और हनुमान के सैन्य रूप को दर्शाती है।
Hanuman Jayanti 2025 : परेड मंदिर की परंपरा-
मंदिर के महंत राघवेंद्र गिरी के अनुसार, परेड मंदिर का नाम इसलिए पड़ा क्योंकि अंग्रेजों के जमाने में यहां सेना की परेड हुआ करती थी। उस समय यह मंदिर एक छोटा-सा ढांचा था, जिसमें हनुमान जी विराजमान थे। एक रोचक कथा के अनुसार, सेना का एक जवान हनुमान जी का परम भक्त था। वह जब भी मौका पाता, मंदिर में आकर भक्ति और सेवा में लीन हो जाता। एक बार उसने परेड छोड़कर मंदिर में समय बिताया। उसी दौरान कर्नल ने हाजिरी ली, लेकिन आश्चर्यजनक रूप से हनुमान जी ने सैनिक के रूप में परेड में उसकी जगह हाजिरी दी। इस घटना ने मंदिर की महिमा को और बढ़ा दिया।
Hanuman Jayanti 2025 : सेना और भक्तों का आस्था केंद्र-
परेड मंदिर सागर के छावनी इलाके में झांसी रोड पर छावनी परिषद कार्यालय के पास स्थित है। यह वाराणसी के पंचदश जूना अखाड़े से जुड़ा हुआ है। मंदिर परिसर में राम-सीता-लक्ष्मण, राधा-कृष्ण, भगवान शंकर और शनि देव के मंदिर भी हैं। यहां नियमित रूप से यज्ञ, हवन और धार्मिक आयोजन होते रहते हैं। आषाढ़ मास के प्रत्येक मंगलवार को यहां विशाल मेला लगता है, जिसमें हजारों भक्त शामिल होते हैं। सेना के जवान और दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालु हनुमान जी के दर्शन के लिए उमड़ते हैं।
Hanuman Jayanti 2025 : परेड मंदिर की खासियत-
मंदिर को परेड मंदिर कहे जाने के पीछे केवल सैन्य परेड ही नहीं, बल्कि हनुमान जी का सैनिक स्वरूप भी है। भक्तों का मानना है कि मूंछों वाले हनुमान यहां शक्ति, अनुशासन और भक्ति के प्रतीक हैं। मंदिर में होने वाले धार्मिक अनुष्ठान और सेना के जवानों की विशेष भागीदारी इसे और भी विशिष्ट बनाती है।

