जिसे रंग से दिक्कत है वह घर से न निकलें, सीओ ने कहा - जुमा साल में 52 बार और होली एक बार...
लखनऊ: रमजान का पवित्र महीना शुरू हो चुका है और इसी बीच हिंदुओं का प्रमुख त्योहार होली भी नजदीक है। इस साल 14 मार्च को होली का उत्सव मनाया जाएगा, वहीं उसी दिन मुस्लिम समुदाय की जुमे की नमाज भी है। दोनों समुदायों के बीच किसी भी तरह के तनाव से बचने के लिए उत्तर प्रदेश प्रशासन ने विशेष सावधानी बरतते हुए नमाज के समय में बदलाव किया है। पहले जुमे की नमाज का समय दोपहर 12:45 बजे था, जिसे अब बढ़ाकर दोपहर 2:00 बजे कर दिया गया है। यह बदलाव फिलहाल लखनऊ के लिए लागू किया गया है, जबकि अन्य क्षेत्रों से अभी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है।
हिंदू पंचांग के अनुसार, 13 मार्च को होलिका दहन होगा और 14 मार्च को लोग सुबह होली खेलेंगे। इस दौरान लोग रंगों से सराबोर होते हैं और शाम को होली मिलन के लिए एक-दूसरे के घर जाते हैं। दूसरी ओर, जुमे की नमाज मुस्लिम समुदाय के लिए सप्ताह का महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन है। समय में बदलाव का उद्देश्य दोनों समुदायों के बीच सामंजस्य बनाए रखना है। प्रशासन ने दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने और अनावश्यक तनाव से बचने की अपील की है।
संभल के सीओ अनुज चौधरी ने कहा, “जुमा साल में 52 बार आता है, जबकि होली साल में एक बार। मुस्लिम समुदाय से अपील है कि अगर आपको लगता है कि होली के रंग से कोई परेशानी हो सकती है, तो उस दिन घर पर रहें। बाहर निकलते हैं तो दिल बड़ा रखें, रंग सिर्फ रंग है।” उन्होंने आगे कहा, “जैसे ईद पर लोग गले मिलते हैं, वैसे ही होली पर रंग और मिठाई से खुशियां बांटी जाती हैं। दोनों पक्ष एक-दूसरे का सम्मान करें।” सीओ ने चेतावनी दी कि शांति भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। प्रशासन ने अनावश्यक रंग डालने से बचने और शांति बनाए रखने की सलाह दी है।

