IMA Dehradun: आईएमए के इतिहास में पहली बार 9 महिला कैडेट बनीं भारतीय सेना का हिस्सा, राष्ट्रपति मुर्मू ने दी सलामी

IMA Dehradun: देहरादून: देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) के 94 वर्षीय इतिहास में शनिवार का दिन ऐतिहासिक बन गया। पहली बार नौ महिला कैडेट्स ने पुरुष कैडेट्स के साथ कदमताल करते हुए प्रतिष्ठित "अंतिम पग" पार किया और भारतीय सेना में स्थायी कमीशन प्राप्त कर सैन्य अधिकारी बनीं। इस ऐतिहासिक पासिंग आउट परेड में राष्ट्रपति एवं तीनों सेनाओं की सर्वोच्च कमांडर द्रौपदी मुर्मू ने सलामी ली।
इस वर्ष आईएमए से कुल 481 भारतीय और 34 विदेशी कैडेट्स पास आउट हुए। राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने संबोधन में कहा कि यह उपलब्धि केवल सेना के इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय नहीं, बल्कि महिला-नेतृत्व वाले भारत के उभरते स्वरूप का भी प्रतीक है। उन्होंने युवा अधिकारियों से चरित्र, करुणा और समर्पण के साथ नेतृत्व करने का आह्वान किया।
राष्ट्रपति ने बदलते युद्ध स्वरूप, आधुनिक तकनीकों और नई सुरक्षा चुनौतियों के प्रति सजग रहने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने अधिकारियों को नवाचार अपनाने और नैतिक मूल्यों के साथ देश सेवा करने की प्रेरणा दी। परेड में विशाल कुमार को स्वार्ड ऑफ ऑनर और गोल्ड मेडल, प्रिंस राज को सिल्वर मेडल तथा तेजस भट्ट को ब्रॉन्ज मेडल प्रदान किया गया। यह अवसर भारतीय सेना में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और सशक्तिकरण का नया अध्याय माना जा रहा है।


