Raipur City News: रायपुर में गाइडलाइन दर वृद्धि के खिलाफ ज़ोरदार विरोध, जनसंवाद में पूर्व महापौर प्रमोद दुबे ने भाजपा सरकार की नीति को बताया तुगलकी फरमान, वापस लेने की मांंग
Raipur City News: रायपुर। छत्तीसगढ़ में नई गाइडलाइन दर वृद्धि 2025 को लेकर रियल एस्टेट कारोबारियों, ब्रोकर्स और आम नागरिकों ने बुधवार को जनसंवाद कार्यक्रम के माध्यम से तीखा विरोध जताया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने इसे “तुगलकी फरमान” करार देते हुए सरकार से तत्काल वापस लेने की मांग की।
Raipur City News: भूपेश सरकार की नीति ने दिया था निवेश को बढ़ावा: प्रमोद दुबे
जनसंवाद को संबोधित करते हुए पूर्व महापौर प्रमोद दुबे ने कहा कि 2019 से 2024 तक भूपेश बघेल सरकार ने गाइडलाइन में 30% छूट दी थी और पंजीयन शुल्क को शुरू में 2% से बढ़ाकर भी अधिकतम 4% तक ही रखा था। यह नीति “कम मार्जिन-उच्च वॉल्यूम” के सिद्धांत पर आधारित थी।
Raipur City News: सरकार की नीति से
रजिस्ट्री की संख्या और आवृत्ति में भारी बढ़ोतरी हुई और रजिस्ट्री सस्ती हुई। पूर्व महापौर ने कहा कि, कांग्रेस सरकार की नीति से ओडिशा, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, आंध्रप्रदेश सहित अन्य राज्यों के बड़े निवेशक छत्तीसगढ़ के रियल एस्टेट सेक्टर में आए और पंजीयन विभाग का राजस्व लक्ष्य से 1000 करोड़ रुपये अधिक होकर 5200 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
Raipur City News: पूर्व महापौर प्रमोद दुबे ने आरोप लगाया कि वर्तमान भाजपा सरकार ने 30% छूट पूरी तरह खत्म कर दी और गाइडलाइन दरों में 50% से लेकर 500% तक की बढ़ोतरी कर दी। इसके परिणामस्वरूप रजिस्ट्री की कुल लागत में भारी वृद्धि हुई है। स्टांप ड्यूटी अब 5% और पंजीयन शुल्क 4% सहित कुल करीब 9% हो जाएगा। इससे निवेशक बाहर निकल जाएंगे, सिर्फ वास्तविक खरीदार (एंड यूजर) ही संपत्ति खरीदेंगे साथ ही लेन-देन की कुल संख्या में 75% तक की गिरावट संभव है। निवेशक अब ओडिशा और महाराष्ट्र की ओर पलायन करेंगे।

Raipur City News: जनसंवाद में वक्ताओं ने चेतावनी दी कि इस नीति से रियल एस्टेट, कंस्ट्रक्शन, ब्रोकर, ठेकेदार, सीमेंट, रेत, ईंट, ट्रांसपोर्ट और मजदूर वर्ग समेत करीब 30 से 40 हजार लोगों का रोजगार सीधे प्रभावित होगा। सभी ने एक स्वर में गाइडलाइन दर वृद्धि 2025 को वापस लेने की मांग की।
Raipur City News: जनसंवाद में पूर्व महापौर प्रमोद दुबे, पूर्व संसदीय सचिव विकास उपाध्याय, पूर्व विधायक कुलदीप जुनेजा, पंकज शर्मा, आकाश शर्मा, विनोद ठाकुर, मुन्ना मिश्रा, सतनाम पनेगा, ओम प्रकाश श्रीवास, श्रीनिवास राव, अविनाश दुबे, प्रीति सोनी, राकेश धतोरे, आशुतोष शर्मा, बंशी कन्नौजे, दलजीत सिंह, जय सोनकर, अमित शर्मा सहित सैकड़ों रियल एस्टेट कारोबारी, ब्रोकर और नागरिक मौजूद रहे।

