Breaking News
Singer Rihanna spotted in India: मुंबई एयरपोर्ट पर स्पॉट हुई सिंगर रिहाना; दो साल बाद फिर लौटीं भारत
Jharkhand : झारखंड के कर्मचारियों को देशभर में कैशलेस इलाज की सुविधा, सोरेन सरकार ने साइन किया एमओयू
UP Crime : महिला से होटल में गैंगरेप : वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने का भी आरोप, 7 लोगों पर मुकदमा दर्ज
Create your Account
बीजापुर में 'स्कूल फिर चले अभियान' से शिक्षा का नया उजाला: 20 साल बाद खोले गए बंद स्कूल, स्कॉच अवार्ड से सम्मानित
बीजपुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुरपुर जिले में शिक्षा के क्षेत्र में की गई को अब राष्ट्रीय स्तर पर सराहा जा रहा है। स्कूल फिर चले अभियान (स्कूल वेंडे वर्राट पंडुम) को स्कॉच अवार्ड में सिल्वर अवार्ड से सम्मानित किया गया है। बीजापुर के तत्कालीन कलेक्टर अनुराग पांडेय के नेतृत्व में इसके लिए जिला प्रशासन और समुदाय के बीच एक मजबूत संवाद स्थापित किया और इसे सफल बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए। परिणामस्वरूप, माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में 20 वर्षों से बंद पड़े 28 स्कूलों को फिर से खोलने में सफलता प्राप्त की।
इस अभियान के अंतर्गत, जिले के 550 गांवों में घर-घर जाकर सर्वे किया गया और 6 से 18 वर्ष के लगभग 7,000 बच्चों की पहचान की गई। इनमें से 4,000 बच्चों को शाला त्यागी और अप्रवेशी के रूप में पहचाना गया, जिनका पुनः प्रवेश सुनिश्चित किया गया। विशेष रूप से, माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा के प्रसार के लिए किए गए प्रयासों ने सफलता पाई, और अब इन क्षेत्रों के बच्चों को 20 साल बाद शिक्षा का अधिकार मिल रहा है।
ग्रामीणों में शिक्षा के प्रति जागरूकता का स्तर बढ़ा है। पहले जहां शिक्षा के महत्व को लेकर जागरूकता की कमी थी, वहीं अब ग्रामीण शिक्षा के महत्व को समझने लगे हैं और वे बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित हो रहे हैं। इसके साथ ही, शिक्षा के फायदे और सरकारी योजनाओं की जानकारी भी उन्हें दी गई है, जिससे उन्हें अपनी स्थिति सुधारने का अवसर मिला है।
24 बंद स्कूलों और 30 नए स्कूलों की शुरुआत
अब बीजपुर में 24 ऐसे स्कूल खोले गए, जो पिछले 20 वर्षों से बंद थे। इसके अलावा, 30 से ज्यादा नए स्कूलों की शुरुआत भी की कई है। यह कदम शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी क्रांति लाएगा और बच्चों के लिए नए अवसर उत्पन्न करेगा। 'स्कूल फिर चले अभियान' ने बीजापुर जिले में शिक्षा के लिए एक नई दिशा और उज्जवल भविष्य की ओर कदम बढ़ाए हैं। यह अभियान केवल बच्चों को शिक्षा का अधिकार ही नहीं दे रहा, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव भी ला रहा है। तत्कालीन कलेक्टर अनुराग पांडेय ने इस अभियान की सफलता का श्रेय मुख्यमंत्री का कुशल मार्गदर्शन, जिले के जनप्रतिनिधियो का सकारात्मक सहयोग, अभियान से जुड़े शिक्षकों, पंचायत और पुलिस के अधिकारियों कर्मचारियों की मेहनत को दिया है।

Related Posts
More News:
- 1. CG News : तीन मंजिला बिल्डिंग से गिरकर युवक की मौत, युवती घायल, प्रेम-प्रसंग का मामला
- 2. CG Coal Transport Scam: ईडी की कुर्की के खिलाफ निलंबित आईएएस रानू साहू और परिजनों की 9 अपीलें खारिज, अवैध कमाई का स्रोत न मिले तो बराबर मूल्य की वैध संपत्ति भी जांच के दायरे में होगी: हाईकोर्ट
- 3. RR vs MI IPL 2026: मुंबई ने जीता टॉस, राजस्थान रॉयल्स पहले बैटिंग करेगी, बारिश के कारण 11-11 ओवर का मुकाबला
- 4. CG Transfer News: नगरीय प्रशासन विभाग में CMO का थोक तबादला, देखें सूची
Leave a Comment
Your email address will not be published. Required fields are marked *
Popular post
Live News
Latest post
You may also like
Subscribe Here
Enter your email address to subscribe to this website and receive notifications of new posts by email.

