New GST policy: होटल रूम किराए पर 7,500 रुपए से ऊपर होने पर चुकान होगा 18% टैक्स और आइसक्रीम ऑर्डर करने पहले ध्यान से पढ़ लें पूरी खबर
- Pradeep Sharma
- 28 Mar, 2025
New GST policy: नई दिल्ली। New GST policy: 18% tax on hotel room rent above Rs 7,500 : अगर आप भी अक्सर होटल या रेस्टोरेंट में जाकर खाना खाते हैं तो ये खबर आपके काम की साबित हो सकती है। अगर आप किसी रेस्टोरेंट में खाना
New GST policy: नई दिल्ली। New GST policy: 18% tax on hotel room rent above Rs 7,500 : अगर आप भी अक्सर होटल या रेस्टोरेंट में जाकर खाना खाते हैं तो ये खबर आपके काम की साबित हो सकती है। अगर आप किसी रेस्टोरेंट में खाना खाने जाते हैं, तो आपको अलग-अलग खाने की चीजों पर अलग-अलग जीएसटी देना होगा। उदाहरण के लिए, अगर आप सिर्फ खाना खाते हैं, तो 5% जीएसटी लगेगा, लेकिन अगर खाने के बाद आइसक्रीम ऑर्डर कर ली, तो इस पर 18% जीएसटी देना होगा।
New GST policy: क्या लगेगा 5% या 18% GST
अगर आप किसी होटल या रेस्टोरेंट में सिर्फ खाना खाते हैं, तो 5% GST लगेगा। लेकिन, अगर आप खाना खाने के बाद आइसक्रीम ऑर्डर करते हैं, तो उस पर 18% GST देना होगा। इसी तरह, रोटी और पराठे पर भी अलग-अलग टैक्स लगाया जाता है। अगर आप एक रोटी और दो पराठे खाते हैं, तो यह भी बिल पर असर डाल सकता है। इसके अलावा, एसी रेस्टोरेंट्स में चाहे एसी चल रहा हो या नहीं, सभी फूड आइटम्स पर 18% GST लगेगा।
New GST policy: 7,500 रुपए से ऊपर के होटल रूम पर GST
सीबीआईसी ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी होटल के कमरे का किराया एक दिन में 7,500 रुपए से अधिक है, तो होटल को 'निर्दिष्ट परिसर' माना जाएगा। इस स्थिति में होटल के अंदर स्थित रेस्टोरेंट में 18% GST लगेगा, साथ ही इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का भी लाभ मिलेगा। वहीं, यदि किराया 7,500 रुपये से कम है, तो उस पर 5% GST लगेगा और ITC का लाभ नहीं मिलेगा।
New GST policy: नए नियम: GST कैसे तय होगा
सीबीआईसी ने नए नियमों के तहत होटल के कमरे के किराए के बजाय होटल की वास्तविक कमाई को आधार मानने का फैसला लिया है। इसका मतलब है कि अब होटल के किराए में उतार-चढ़ाव होने पर भी यह तय किया जाएगा कि होटल को 'निर्दिष्ट परिसर' माना जाए या नहीं।
New GST policy: कब कहां लगेगा कितना GST
केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने हाल ही में कहा है कि वित्त वर्ष में किसी भी समय कमरे का किराया 7,500 रुपये प्रतिदिन से अधिक वसूलने वाले होटल को अगले वित्त वर्ष के लिए निर्दिष्ट परिसर माना जाएगा और ऐसे परिसरों के अंदर प्रदान की जाने वाली रेस्तरां सेवाओं पर इनपुट टैक्स क्रेडिट के साथ 18 प्रतिशत जीएसटी लगेगा। एक अप्रैल, 2025 से, ऐसे रेस्तरां जो होटलों के अंदर संचालित होते हैं, उनकी करयोग्यता आपूर्ति के मूल्य (लेन-देन मूल्य) के आधार पर होगी।
New GST policy: यह घोषित शुल्क की व्यवस्था की जगह लेगा। सीबीआईसी ने निर्दिष्ट परिसर में आपूर्ति की गई रेस्तरां सेवा विषय पर जारी अक्सर पूछे जाने वाले सवालों (एफएक्यू) में कहा है , एक अप्रैल, 2025 से शुरू होने वाली अवधि के लिए, पिछले वित्त वर्ष में होटल आवास की आपूर्ति का मूल्य, यानी उक्त आपूर्ति के लिए लिया गया लेनदेन मूल्य, यह निर्धारित करने का आधार होगा कि होटल आवास सेवा प्रदान करने वाला परिसर चालू वित्त वर्ष में अनिवार्य रूप से निर्दिष्ट परिसर की श्रेणी में आता है या नहीं।
New GST policy: होटल संचालकों के पास होगा एक और विकल्प
होटल संचालकों को एक और विकल्प दिया गया है। अगर वे अगले वित्त वर्ष में अपने कमरे का किराया 7,500 रुपये से अधिक करने की योजना बनाते हैं, तो वे जनवरी से मार्च तक जीएसटी अधिकारियों के समक्ष ऑप्ट इन यानी व्यवस्था में शामिल होने की घोषणा कर सकते हैं। इस नए GST नियमों से होटल और रेस्टोरेंट के बिलिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी। होटल के मालिक अब अपनी कमाई के आधार पर खुद को 'निर्दिष्ट परिसर' घोषित कर सकते हैं, जिससे वे 18% GST और ITC का फायदा उठा सकेंगे। इस बदलाव से होटल उद्योग को वित्तीय रूप से लाभ होगा।
New GST policy: खाने पर कितना जीएसटी: इसे ऐसे समझें
1.गैर-एसी रेस्टोरेंट और छोटे होटल: अगर रेस्टोरेंट में एसी नहीं है और यह होटल का हिस्सा नहीं है जहां कमरे का किराया ₹7,500 से अधिक है, तो खाने पर 5% जीएसटी लागू होता है, बिना इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) के।
2.एसी रेस्टोरेंट और निर्दिष्ट होटल: अगर रेस्टोरेंट एसी वाला है, शराब परोसता है, या होटल में है जहां कमरे का किराया ₹7,500 से अधिक है, तो खाने पर 18% जीएसटी लागू होता है, और आईटीसी का लाभ मिलता है।
पहले के नियम: 2017 में जीएसटी लागू होने पर, रेस्टोरेंट को तीन स्लैब में बांटा गया था: गैर-एसी रेस्टोरेंट पर 12%, एसी या शराब लाइसेंस वाले पर 18%, और 5-स्टार होटल के रेस्टोरेंट पर 28%। लेकिन बाद में इन दरों में बदलाव हुए, और अब मुख्य रूप से 5% और 18% की दरें हैं।
New GST policy: आइसक्रीम आर्डर करने पर कितना जीएसटी
आइसक्रीम की कर दर आमतौर पर 18% है, और इसे वस्तुओं की आपूर्ति माना जाता है। लेकिन रेस्टोरेंट में इसकी कर दर इस बात पर निर्भर करती है कि इसे कैसे बेचा जा रहा है:-
1.पहले से पैक की गई आइसक्रीम: अगर रेस्टोरेंट में आइसक्रीम पहले से पैक की गई है और काउंटर पर बेची जाती है, तो इसे वस्तुओं की आपूर्ति माना जाता है, और 18% जीएसटी लागू होता है।
2.रेस्टोरेंट की सेवा का हिस्सा: अगर आइसक्रीम रेस्टोरेंट में तैयार की जाती है और खाने के साथ ऑर्डर की जाती है, तो इसे रेस्टोरेंट सेवा का हिस्सा माना जा सकता है। इस मामले में, अगर रेस्टोरेंट 5% की दर से कर लगता है, तो आइसक्रीम भी 5% पर हो सकती है। लेकिन अगर रेस्टोरेंट 18% की दर से कर लगता है (जैसे निर्दिष्ट परिसर में), तो आइसक्रीम भी 18% पर होगी।
New GST policy: होटल और रेस्टोरेंट में जीएसटी दरें
श्रेणी कमरे का किराया रेस्टोरेंट सेवाओं पर जीएसटी आईटीसी
निर्दिष्ट परिसर (होटल) ₹7,500 से अधिक (किसी भी समय) 18% हाँ
अन्य होटल/स्टैंडअलोन रेस्टोरेंट ₹7,500 से कम 5% नहीं

