जीतू पटवारी का मोहन सरकार पर हमला, बोले-हर क्षेत्र में सरकार बनी भ्रष्टाचार का पर्याय
भोपाल। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रदेश की मोहन सरकार पर जमकर निशाना साधा है। आज अपने आवास पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए जीतू पटवारी ने कहा कि बीजेपी कहे या भ्रष्टाचार कहे पूरी सरकार हर तरीको से भ्रष्टाचार का पर्याय बन गई है। जीतू पटवारी ने कहा कि एक क्लर्क ने 80 करोड़ रुपए का गबन कर दिया। यह ग्वालियर चंबल की घटना है। सौरभ शर्मा एक कॉन्स्टेबल था उसने किस दर्जे का करप्शन किया, किसके लिए किया यह बात पब्लिक डोमैन में स्पष्ट हो चुकी है। इनकम टैक्स की छापेमारी में पूर्व विधायक हरवंश राठौर के यहां से करोड़ों रुपए की नकदी, सोना और संपत्ति मिलने के मामले पर बीजेपी को घेरा है।
पीडब्ल्यूडी विभाग में 50% का खेल
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भाजपा सरकार में चल रहे 50 प्रतिशत कमीशन पर सवाल उठाते हुये कहा कि पीडब्ल्यूडी विभाग 50 परसेंट कमीशन के बगैर चलती ही नहीं है। 50 परसेंट कमीशन और लोक निर्माण विभाग यह इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है। मध्य प्रदेश की जनता जागे देखें, जो ब्रिज उद्घाटन नहीं हुआ उसमें में कमीशन हो गया, यानी कि भ्रष्टाचार हर दर्जे हो रहा है। हर मामले में लीपापोती कर भ्रष्टाचार रूपी दरारे भरी जा रही है। यदि कोई जांच कमेटी को बिठाना है तो उसके पहले कमीशन लेना है। सरकार ने अभी तक 300 योजनाएं चलाई वह भी केवल मुंह से और वे समाप्त भी हो गई, योजनाओं का पता ही नहीं चला कि यह योजनाएं कहां है। केवल अख़बार के लिए, इवेंट के लिए चलाई गई योजनाएं हैं। इतना ही नहीं 33 विभाग की 70 से अधिक योजनाएं समाप्त कर दी गईं हैं।
सरकारी एजेंसियां कांग्रेस को ही करती है टारगेट
जीतू पटवारी ने सरकारी जांच एजेंसियो पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि “बीजेपी के पूर्व विधायक के घर इनकम टैक्स की छापेमारी हुई और वहां से डेढ़ सौ करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति मिली। इसके साथ-साथ 14 किलो सोना और 4 करोड़ रुपये कैश भी बरामद हुए। यही नरेंद्र मोदी का 'नया भारत' है, जिसमें वह दावा कर रहे थे कि एक भी भ्रष्टाचारी को नहीं छोड़ेंगे। लेकिन क्या अब बीजेपी के किसी भ्रष्टाचारी के खिलाफ कोई कार्रवाई हो रही है? नहीं! पीएम मोदी की एजेंसियां अब सिर्फ एक ही काम करती हैं, और वह है कांग्रेस और विपक्ष के नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करना ताकि वे बीजेपी में शामिल हो जाएं।"उन्होंने कहा कि"कांग्रेस और विपक्ष का काम सवाल उठाना है, यह उनका दायित्व है। जब बीजेपी के पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह हमारे प्रवक्ता को दस करोड़ का नोटिस भेजते हैं, तो इसका मतलब है कि वे दहशत फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। यह साफ है, वह चोरी भी करेंगे और अगर हम बोले तो हमें डराएंगे भी।"

