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CG News : हाई कोर्ट में पहुंचा कैदी की संदिग्ध मौत का मामला, जेल में हत्या का आरोप, शासन से दो सप्ताह में जवाब तलब...

परिजनों की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने शासन से दो सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई जून 2025 के अंतिम सप्ताह में होगी।

CG News : हाई कोर्ट में पहुंचा कैदी की संदिग्ध मौत का मामला, जेल में हत्या का आरोप, शासन से दो सप्ताह में जवाब तलब...
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CG News : बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने महासमुंद जिला जेल में कैदी नीरज भोई की संदिग्ध मौत के मामले में सख्त रुख अपनाया है। हत्या के आरोप में जेल में बंद नीरज की मौत के बाद उसके शरीर पर मिले 35 गंभीर चोटों के निशान ने हिरासत में हत्या के आरोपों को बल दिया है। परिजनों की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने शासन से दो सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई जून 2025 के अंतिम सप्ताह में होगी।

बता दें कि महासमुंद जिले के ग्राम पिपरौद निवासी नीरज भोई को 12 अगस्त 2024 को पुलिस ने हत्या के मामले में गिरफ्तार कर जिला जेल भेजा था। जेल चिकित्सक डॉ. संजय दावे ने मेडिकल परीक्षण में नीरज को डिप्रेशन और क्रोनिक एल्कोहलिक का मरीज बताया। 13 अगस्त को नशे की लत के कारण असामान्य व्यवहार के बाद उसे जेल अस्पताल में दवाइयां दी गईं, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। 15 अगस्त को सुबह उसे सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।

17 अगस्त 2024 को आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने मामले को और गंभीर बना दिया। रिपोर्ट के अनुसार, नीरज की मौत गला दबाने से हुई थी। उसके शरीर पर 35 ताजा और गंभीर चोटों के निशान मिले, जिनमें 8 आंतरिक चोटें जानलेवा थीं। परिजनों ने आरोप लगाया कि नीरज को जेल में यातना दी गई। गिरफ्तारी के समय उसके शरीर पर कोई चोट नहीं थी, लेकिन जेल में रहने के दौरान उसे शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया।

परिजनों का दावा है कि मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के नाम पर नीरज को 13 और 14 अगस्त की रात लोहे के गेट से बांधकर खुले में छोड़ दिया गया। इलाज के बजाय उसे शारीरिक यातना दी गई, जिसके परिणामस्वरूप उसकी मौत हो गई। मजिस्ट्रेट जांच, जो 31 जनवरी 2025 को पूरी हुई, ने भी इन आरोपों की गंभीरता को उजागर किया। हाई कोर्ट ने परिजनों की याचिका पर सुनवाई करते हुए शासन से दो सप्ताह में विस्तृत जवाब मांगा है।


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