CG News: स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल का बयान, कांग्रेस के आरोप झूठे, सरकार को बदनाम करने की कोशिश..
- Super Admin
- 05 Mar, 2025
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कांग्रेस द्वारा लगाए गए मोबाइल सर्विलांस के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है
रायपुर। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कांग्रेस द्वारा लगाए गए मोबाइल सर्विलांस के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि यह विपक्ष का झूठा आरोप है और सरकार को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। भाजपा किसी की जासूसी नहीं करती, कांग्रेस सिर्फ राजनीतिक वाहवाही बटोरने के लिए इस तरह के दावे कर रही है। मंत्री ने निकाय चुनाव में कांग्रेस की हार का जिक्र करते हुए कहा कि जनता ने उन्हें नकार दिया है, इसलिए वे इस तरह के बयान देकर अपनी असफलता छिपाने की कोशिश कर रहे हैं।
जब विपक्ष में भाजपा थी, तब मोबाइल सर्विलांस के सवाल पर उन्होंने कहा कि पूरे छत्तीसगढ़ को कांग्रेस ने अराजकता की स्थिति में डाल दिया था। विधानसभा, लोकसभा, पंचायत और निकाय चुनावों में जनता ने उन्हें इसका प्रमाण पत्र भी दे दिया है। शराब और दवा की कीमतों पर विपक्ष के आरोप निराधार शराब और दवा की कीमतों को लेकर विपक्ष के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कांग्रेस जानबूझकर नकारात्मक माहौल बना रही है। उन्होंने बताया कि शराब के दामों में कमी इसलिए की गई है क्योंकि पड़ोसी राज्यों से लोग यहां शराब खरीदने आते थे, जिससे राज्य को राजस्व का नुकसान हो रहा था। प्रतिस्पर्धा को ध्यान में रखते हुए शराब के दाम कम किए गए हैं। साथ ही, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी दवा के दामों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। इसके अलावा, पेट्रोल पर भी ₹1 प्रति लीटर की कटौती की गई है।
कांग्रेस सरकार में शराब घोटाले का आरोप स्वास्थ्य मंत्री ने कांग्रेस सरकार में शराब घोटाले पर भी हमला बोलते हुए कहा कि उस समय शराब दुकानों में फर्जी काउंटर बनाए जाते थे और सरकार खुद ही अपने खजाने की चोरी करती थी। कांग्रेस ने कोरोना काल में घर-घर शराब पहुंचाई, जबकि मौजूदा सरकार ने 60% शराब दुकानों में कैशलेस ट्रांजेक्शन लागू कर दिया है। शिक्षकों की नौकरी और वेतन कटौती के आरोपों पर सफाई शिक्षकों की नौकरी से निकाले जाने के सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यह आरोप पूरी तरह गलत है और इसका बजट से कोई लेना-देना नहीं है। जिन शिक्षकों की सेवा समाप्त हुई है, वह सुप्रीम कोर्ट के फैसले के आधार पर हुई है। सरकार इस मामले पर सहानुभूति पूर्वक विचार कर रही है और न्यायालय के आदेश का सम्मान करते हुए समाधान निकालने का प्रयास कर रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रदेश में किसी भी कर्मचारी का वेतन रोका नहीं गया है।

