CG News : बीजापुर की डॉ. ओमेश्वरी देवांगन को इंडियन विजन अवार्ड, दिल्ली में उपन्यास ‘मुखौटे’ का भव्य लोकार्पण
- Rohit banchhor
- 26 May, 2025
यह पुरस्कार उन्हें 11 उपन्यासों की रचना और समाज के अनछुए पहलुओं को जनमानस तक पहुंचाने के उनके साहित्यिक योगदान के लिए प्रदान किया गया।
CG News : रायपुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले की प्रख्यात साहित्यकार और प्रभारी प्राचार्य डॉ. ओमेश्वरी देवांगन ने एक बार फिर अपनी लेखनी से प्रदेश का मान बढ़ाया है। उन्हें 18 मई को नई दिल्ली के आकाशवाणी भवन में साहित्य के क्षेत्र में प्रतिष्ठित इंडियन विजन अवार्ड से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार उन्हें 11 उपन्यासों की रचना और समाज के अनछुए पहलुओं को जनमानस तक पहुंचाने के उनके साहित्यिक योगदान के लिए प्रदान किया गया।
डॉ. ओमेश्वरी इससे पहले भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साहित्य के क्षेत्र में कई पुरस्कारों से नवाजी जा चुकी हैं। उनकी रचनाएँ बीजापुर और छत्तीसगढ़ को वैश्विक मंच पर गौरवान्वित करती रही हैं। उनकी लेखनी में सामाजिक मुद्दों, विशेषकर बस्तर की जटिल परिस्थितियों और मानवीय संवेदनाओं का गहरा चित्रण देखने को मिलता है।
उपन्यास ‘मुखौटे’ का दिल्ली में लोकार्पण-
मई 2025 में डॉ. ओमेश्वरी की एक और उपलब्धि तब सामने आई, जब नई दिल्ली के हिंदी भवन में उनके नवीनतम उपन्यास ‘मुखौटे’ का भव्य लोकार्पण हुआ। इस अवसर पर दिल्ली के प्रख्यात साहित्यकारों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के उभरते साहित्यकार पवन प्रेमी भी उपस्थित थे। उपन्यास की समीक्षा करते हुए साहित्यकार प्रतीभा श्री ने कहा, “‘मुखौटे’ डॉ. ओमेश्वरी के साहित्यिक सफर का एक मील का पत्थर है। यह उपन्यास बस्तर की पृष्ठभूमि पर आधारित है, जिसमें वहां की परिस्थितियों और चुनौतियों को जीवंत रूप से चित्रित किया गया है। इसे पढ़कर ऐसा लगता है जैसे पाठक स्वयं कहानी का हिस्सा बन गया हो।”
बस्तर की कहानी, संवेदनाओं का चित्रण-
‘मुखौटे’ उपन्यास बस्तर के सामाजिक और सांस्कृतिक ताने-बाने को उजागर करता है, जिसमें क्षेत्र की जटिल परिस्थितियों को बारीकी से दर्शाया गया है। इसकी कहानी पाठकों को बस्तर की धरती की सैर कराती है और वहां के लोगों की जिंदगी, संघर्ष और सपनों से रूबरू कराती है। साहित्यकारों ने इस उपन्यास को एक ऐसी कृति बताया है, जो न केवल साहित्यिक दृष्टि से समृद्ध है, बल्कि सामाजिक चेतना को भी जगाती है।

