Axiom-4 Mission Launch: भारत के लिए ऐतिहासिक क्षण, भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु के साथ Axiom-4 मिशन लॉन्च, ऐसा करने वाले दूसरे भारतीय होंगे शुक्ला
Axiom-4 Mission Launch: नई दिल्ली: नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर, फ्लोरिडा के लॉन्च कॉम्प्लेक्स 39A से Axiom-4 मिशन ने आज 25 जून 2025 को अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के लिए उड़ान भरी। इस मिशन में भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला मिशन पायलट की भूमिका निभा रहे हैं, जो भारत के लिए गर्व का क्षण है। उनके साथ अमेरिका की कमांडर पैगी व्हिटसन मिशन का नेतृत्व कर रही हैं, जबकि हंगरी के टिबोर कपू और पोलैंड के स्लावोज़ उज़्नान्स्की-विस्नीव्स्की मिशन विशेषज्ञ हैं।
#Axiom4Mission lifts off from NASA's Kennedy Space Centre in Florida, US. The mission is being piloted by India's IAF Group Captain Shubhanshu Shukla. The crew is travelling to the International Space Station (ISS) on a new SpaceX Dragon spacecraft on the company's Falcon 9… pic.twitter.com/kvb2Biz2Jm
यह मिशन स्पेसएक्स के फाल्कन 9 रॉकेट पर नए ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट के साथ रवाना हुआ। शुभांशु शुक्ला, जो अपनी कुशलता के लिए जाने जाते हैं, इस मिशन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यह मिशन भारत की अंतरिक्ष अनुसंधान में बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है।
#WATCH लखनऊ: भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन और अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला की मां आशा शुक्ला अपने बेटे के लिए खुशी से भावुक हो गईं, जो #AxiomMission4 का हिस्सा है। pic.twitter.com/s2mSrJtWIt
लॉन्चिंग की राह आसान नहीं थी। मूल रूप से 29 मई को निर्धारित यह लॉन्च फाल्कन 9 के बूस्टर में तरल ऑक्सीजन रिसाव और ISS के रूसी मॉड्यूल में तकनीकी खराबी के कारण कई बार टाला गया। 8 जून, 10 जून, 11 जून, और 19 जून को भी लॉन्च स्थगित हुआ। अंततः 22 जून की तारीख भी रद्द होने के बाद, 25 जून को यह मिशन सफलतापूर्वक शुरू हुआ।
#WATCH | Delhi: Union Minister Dr Jitendra Singh, Australian High Commissioner to India Philip Green, Frances Adamson AC, Governor of South Australia and others celebrate as #Axiom4Mission lifts off from NASA's Kennedy Space Centre in Florida, US.
The mission is being piloted… pic.twitter.com/WmwbrTZ2lZ
मिशन अंतरराष्ट्रीय सहयोग का प्रतीक है, जिसमें चार देशों के अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं। यह मिशन न केवल वैज्ञानिक अनुसंधान को बढ़ावा देगा, बल्कि भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम की वैश्विक पहचान को भी मजबूत करेगा। शुभांशु शुक्ला की उपलब्धि हर भारतीय के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

