गुलाबी ठंड की दस्तक के साथ ही बड़ा हार्ट अटैक का दौर, 2 दिन में आठ पेशेंट मिले
भोपाल। गुलाबी सर्दी की शुरुआत होते ही राज्य में दिल धोखा देने लगा है। राजधानी भोपाल के हमीदिया और एम्स अस्पताल में बीते दो दिनों में 8 मरीज हार्ट अटैक संबंधित पहुंचे हैं। जिन्हें ठंड की वजह से सीने में दर्द हुआ था। विशेषज्ञों का कहना है कि ठंड बढ़ने के साथ ह्रदय रोगियों की संख्या बढ़ने लगती है। इस खतरे से बेहतर जीवन शैली अपना कर और ठंड से बचाव कर बचा जा सकता है। मंगलवार से उत्तरी हवाएं राजधानी में आने लगी हैं। तेज ठंड में हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक का खतरा अधिक रहता है। नवंबर से लेकर जनवरी तक में रोगों में 25 फीसदी तक की वृद्धि होती है। डॉक्टरों के अनुसार अनियमित दिनचर्या और बाहर के खानपान से दिल की बीमारी बढ़ रही है। इसके अलावा स्मोकिंग, तंबाकू, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, धूम्रपान, अनियमित नींद और तनाव बीमारी को बढ़ावा देते हैं। दिल के दौरे का उच्च जोखिम विरासत में भी मिल सकता है। डॉक्टरों ने बताया की ठंड के मौसम में दूसरे अंगों की तरह दिल की नसें भी सिकुड़ जाती हैं। खून भी गाढ़ा हो जाता है। ऐसे में जिन मरीजों की दिल की धमनियों में पहले से ही कोई रुकावट है, उन्हें हार्ट अटैक का अधिक खतरा रहता है।
यह परेशानी आएं तो तुरंत पहुंचे डॉक्टर के पास
● सीने में दर्द
● टहलने पर पैरों में दर्द
● अधिक खर्राटें लेना
● गर्दन, पीठ, जबड़े, भुजाएं और कंधे की हड्डी में दर्द
● चक्कर आना, अचानक पसीना आना, बेचैनी महसूस करना, सिर घूमना, जी मचलाना, उलटी और पेट खराब होना

