पूर्ण चंद्र ग्रहण 2025: इस दिन आसमान में दिखाई देगा 'ब्लड मून', तीन साल बाद दिखेगा ऐसा नजारा
मुंबई: आकाश में 14 मार्च 2025 को एक अद्भुत खगोलीय घटना देखने को मिलेगी। इस दिन पूर्ण चंद्र ग्रहण (Total Lunar Eclipse) लगेगा, जिसे 'ब्लड मून' भी कहा जाता है। यह घटना तब होती है जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीधी रेखा में आ जाते हैं और पृथ्वी की छाया चंद्रमा को पूरी तरह ढक लेती है। इस दौरान चंद्रमा का रंग लाल या नारंगी हो जाता है, जिसे 'ब्लड मून' कहा जाता है।
यह ग्रहण सुबह 10:41 बजे शुरू होकर दोपहर 2:18 बजे तक रहेगा। हालांकि, यह नज़ारा भारत में दिखाई नहीं देगा। यह ग्रहण मुख्य रूप से उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका, कनाडा, मैक्सिको, ब्राज़ील, चिली और उत्तर अफ्रीका के कुछ हिस्सों में दिखेगा। भारत में ग्रहण का समय दिन के उजाले में पड़ने के कारण इसे देख पाना संभव नहीं होगा। 'ब्लड मून' का नज़ारा उन क्षेत्रों में खुले आसमान के नीचे साफ़ देखा जा सकेगा, जहां यह दिखाई देगा।
जिन देशों में यह नहीं दिखेगा, वहां के लोग इसे ऑनलाइन लाइव स्ट्रीम के माध्यम से देख सकेंगे। भारत में ग्रहण न दिखने के कारण इससे जुड़े किसी भी धार्मिक या पारंपरिक प्रभाव, जैसे 'सूतक काल', को भी नहीं माना जाएगा। यह पूर्ण चंद्र ग्रहण खगोल प्रेमियों के लिए एक बेहद खास घटना होगी, जो 2022 के बाद पहली बार दुनिया के कई हिस्सों में दिखाई देगा।
ब्लड मून क्या है और क्यों होता है?
जब चंद्रमा लाल या सुर्ख भूरे रंग का दिखाई देता है, तो इसे 'ब्लड मून' कहते हैं। यह घटना पूर्ण चंद्रग्रहण के दौरान होती है, जब पृथ्वी की छाया चंद्रमा को पूरी तरह ढक लेती है। सूर्य का प्रकाश पृथ्वी के वायुमंडल से गुजरते समय लाल रंग की रोशनी चंद्रमा पर पड़ती है, जिससे वह लाल दिखता है। यह नज़ारा उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका में सबसे स्पष्ट दिखेगा, जबकि यूरोप और पूर्वी एशिया में आंशिक रूप से देखा जा सकेगा। ब्लड मून का कोई विशेष खगोलीय महत्व नहीं है, लेकिन यह खगोल प्रेमियों के लिए एक दुर्लभ और मनोरम घटना है। इसे नासा की वेबसाइट पर लाइव स्ट्रीम भी किया जा सकता है।

