Ramadan 2025 : रमजान का चांद आया नजर, आज से तरावीह और कल से पहला रोजा...
- Rohit banchhor
- 01 Mar, 2025
सऊदी अरब में 28 फरवरी को चांद दिख गया था, जिसके कारण वहां 1 मार्च से रोजे आरंभ हो गए हैं।
Ramadan 2025 : रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई इलाकों में चांद नजर आने के साथ रमजान का पाक महीना शुरू हो गया है। आज से सभी मस्जिदों में तरावीह (विशेष नमाज) पढ़ी जाएगी और कल सुबह सहरी के बाद पहला रोजा रखा जाएगा। सऊदी अरब में 28 फरवरी को चांद दिख गया था, जिसके कारण वहां 1 मार्च से रोजे आरंभ हो गए हैं।
Ramadan 2025 : बता दें कि रमजान इस्लामिक कैलेंडर का नौवां महीना है, जिसे रहमत और बरकत का महीना माना जाता है। मुस्लिम समुदाय के लोग अल्लाह की नेमत पाने के लिए 30 दिन रोजा रखते हैं। इस पाक माह का हर पल कीमती माना जाता है। इस दौरान लोग रोजा रखकर अपने बुरे कर्मों से तौबा करते हैं और नेक काम करते हैं। ऐसा करने से कई गुना अधिक पुण्य प्राप्त होता है।
Ramadan 2025 : रोजेदारों के लिए स्वास्थ्य सुझाव-
रोजेदार पूरे दिन बिना भोजन और बिना पानी पिए रोजा रखते हैं। इस दौरान स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। डिहाइड्रेशन जैसी समस्या से बचने के लिए कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए।
सहरी में प्रोटीन और फाइबर युक्त भोजन करें- मल्टीग्रेन रोटी, छिलके सहित फल, अंडे, पनीर, चिकन आदि का सेवन करें। फाइबर युक्त भोजन प्यास से बचाने में मदद करता है और लंबे समय तक पेट भरा रहता है।
हरी पत्तेदार सब्जियां और सलाद- खीरा, ककड़ी, तरबूज, संतरा, अंगूर जैसे फलों को शामिल करें, जिनमें पानी और फाइबर की मात्रा अधिक होती है।
कैफीन से बचें- चाय या कॉफी शरीर का पानी सोख लेती हैं, जिससे बार-बार प्यास लग सकती है। इसकी जगह नींबू पानी और जूस का सेवन करें।
इफ्तार की शुरुआत इन चीजों से करें- इफ्तार की शुरुआत खजूर, शिकंजी या सूप से करें। तली-भुनी चीजों से बचें, क्योंकि इनसे प्यास लगने की संभावना बढ़ जाती है।
पर्याप्त नींद लेना- रोजा रखने के दौरान पर्याप्त नींद लेना जरूरी है। सुबह सहरी के कारण नींद पूरी न होने पर दिन में आराम जरूर करें।
Ramadan 2025 : रमजान का आध्यात्मिक महत्व-
रमजान का महीना आध्यात्मिक सफाई और आत्म-नियंत्रण का समय होता है। इस दौरान लोग न केवल शारीरिक रूप से बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक रूप से भी खुद को शुद्ध करते हैं। रोजेदारों को इस महीने में अधिक से अधिक नेक काम करने और दान-पुण्य करने की सलाह दी जाती है।

