Raipur City News : केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की ‘जशप्योर’ ब्रांड की तारीफ, सीएम साय बोले- ‘वोकल फॉर लोकल’ को बढ़ावा दे रही हमारी सरकार
- Rohit banchhor
- 13 May, 2025
इस अवसर पर सीएम साय ने कहा कि उनकी सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के मंत्र को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है।
Raipur City News : रायपुर। केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के छत्तीसगढ़ दौरे के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उन्हें ‘जशप्योर’ ब्रांड के लघु वनोपजों से तैयार शुद्ध और स्वास्थ्यवर्धक उत्पादों की टोकरी भेंट की। केंद्रीय मंत्री ने इन उत्पादों की गुणवत्ता और आदिवासी महिलाओं के कौशल की जमकर सराहना की। इस अवसर पर सीएम साय ने कहा कि उनकी सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के मंत्र को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है।
Raipur City News : मुख्यमंत्री साय ने केंद्रीय मंत्री को छींद कांसा की टोकरी भेंट की, जिसमें जशपुर की स्व सहायता समूह की महिलाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पाद शामिल थे। इनमें डेकी, कुटा, जवां फूल चावल, ग्रीन टी गिफ्ट पैकेट, टाऊ पास्ता, टाऊ महुआ कुकीज, महुआ गोंद लड्डू, रागी, मखाना लड्डू, महुआ से निर्मित च्यवनप्राश, शीरप, शहद, और चाय जैसे उत्पाद थे। इन उत्पादों को देखकर शिवराज सिंह चौहान ने न केवल उनकी गुणवत्ता की प्रशंसा की, बल्कि इनके पीछे आदिवासी महिलाओं के परिश्रम और समर्पण को भी सराहा।

Raipur City News : मुख्यमंत्री साय ने कहा, “ये उत्पाद केवल स्वादिष्ट खाद्य पदार्थ नहीं हैं, बल्कि हमारे आदिवासी समुदाय की बहनों के परिश्रम, कौशल, और आत्मविश्वास का प्रतीक हैं। हमारी सरकार ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना को बढ़ावा देकर स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित कर रही है, जो आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि जशपुर के ये उत्पाद छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और स्थानीय संसाधनों का बेहतरीन उपयोग दर्शाते हैं।
Raipur City News : केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘जशप्योर’ ब्रांड के उत्पादों की गुणवत्ता और विविधता की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह प्रयास स्थानीय कारीगरों और स्व सहायता समूहों को सशक्त बनाने का शानदार उदाहरण है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करते हैं, बल्कि ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

