Raipur City Crime : राज्यपाल के नाम से फर्जी पत्र जारी करने वाला फरार आरोपी गिरफ्तार...
- Rohit banchhor
- 28 Apr, 2025
छत्तीसगढ़ पुलिस अब उसे ट्रांजिट रिमांड पर रायपुर लाएगी, जहां उससे पूछताछ कर मामले की तह तक जाने की कोशिश की जाएगी।
Raipur City Crime : रायपुर। पूर्व राज्यपाल अनुसुईया उइके के कार्यकाल के दौरान 2019 में राजभवन से जुड़े एक सनसनीखेज जालसाजी मामले में छत्तीसगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मध्यप्रदेश की छिंदवाड़ा पुलिस ने फर्जी पत्र जारी करने के आरोपी अजय वर्मा उर्फ अजय रामदास को गिरफ्तार कर लिया है। उसे हिरासत में लेने के लिए छत्तीसगढ़ पुलिस की एक विशेष टीम छिंदवाड़ा रवाना हो चुकी है।
Raipur City Crime : क्या था फर्जी पत्र का मामला?
सितंबर 2019 में तत्कालीन राज्यपाल अनुसुईया उइके के हस्ताक्षर के साथ एक फर्जी पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस पत्र में बीजेपी विधायकों की कथित खरीद-फरोख्त से संबंधित झूठी और भ्रामक जानकारी थी, जिसने राजनीतिक हलकों में हड़कंप मचा दिया। पत्र की प्रामाणिकता पर सवाल उठने के बाद राज्यपाल अनुसुईया उइके ने इसे फर्जी करार देते हुए तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया। उनके विशेष सचिव ने रायपुर के सिविल लाइन थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने जालसाजी और मानहानि का मामला दर्ज किया।
Raipur City Crime : पांच साल बाद मिली सफलता-
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच शुरू की थी, लेकिन आरोपी अजय वर्मा लंबे समय तक फरार रहा। गहन जांच और खुफिया सूचनाओं के आधार पर छिंदवाड़ा पुलिस ने आखिरकार उसे धर दबोचा। सिविल लाइन थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ धारा 420 (धोखाधड़ी), 467 (जालसाजी), 468 (जालसाजी के उद्देश्य से दस्तावेज बनाना), और 471 (फर्जी दस्तावेज का उपयोग) के तहत मामला दर्ज है। छत्तीसगढ़ पुलिस अब उसे ट्रांजिट रिमांड पर रायपुर लाएगी, जहां उससे पूछताछ कर मामले की तह तक जाने की कोशिश की जाएगी।

