रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव पर सियासत: जीतू पटवारी ने मांगा सीएम से श्वेत पत्र, बीजेपी ने भी किया पलटवार
भोपाल। एमपी के नर्मदापुरम में होने रही रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव पर कांग्रेस और बीजेपी मे सियासत शुरू हो गई हैं। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने ओरिजिनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव पर सवाल खड़ा किए हैं तो वहीं भाजपा ने उनके सवालों पर पलटवार किया है। आज प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री को पहले आज तक के इन्वेस्टर मीट से आए निवेश को लेकर श्वेत पत्र जारी करना चाहिए।
हमारा प्रदेश सबसे ज्यादा कर्जदार और बेरोजगार हो गया है। प्रदेश को सुरक्षित और करप्शन मुक्त बनाने में मुख्यमंत्री के प्रयास अधूरे दिखते हैं। मुख्यमंत्री चाहे कितने भी इवेंट करें मगर धरातल पर 11 महीने में कोई काम नहीं हुआ।16 तारीख को कांग्रेस पार्टी मुख्यमंत्री के काम का हिसाब मांगेगी। इधर आदिवासी विधायक कमलेश्वर डोडियार से डॉक्टर द्वारा अभद्रता करने पर को लेकर जीतू पटवारी ने कहा कि मैं सभी विधायकों को चिट्ठी लिख रहा हूं।
यदि इसी तरह से जनप्रतिनिधियों का अपमान होता रहा अन्याय हो जाएगा। उन्होंने कहा कि आज विपक्ष के विधायकों का अपमान हो रहा है कल पक्ष के विधायकों का भी अपमान होगा। सदन कम चलने की वजह से विधायकों का सम्मान कम हो रहा है। एमपी के कृषि मंत्री के बयान पर चुटकी लेते हुए जीतू पटवारी ने कहा कि कृषि मंत्री को एग्रीकल्चर का ज्ञान नहीं है। उनको केवल लूट और करप्शन की आदत पड़ गई है। कृषि मंत्रालय में सबसे ज्यादा करप्शन हो रहा। मुख्यमंत्री को कृषि मंत्री से लेना चाहिए जल्द से जल्द इस्तीफा। जीतू ने निर्मला सप्रे को लेकर कहां की निर्मला सप्रे को जल्द इस्तीफा देना चाहिए।
उनको बताना चाहिए कि वह चुनाव से डर क्यों रहे हैं। कांग्रेस चुनाव के लिए तैयार हैं। हम निर्मला सप्रे को हटाकर ही रहेंगे और चुनाव जीतेंगे। वही जीतू पटवारी के बयान पर बीजेपी की और से विधायक भगवानदास सबनानी ने पलटवार करते हुए कहा कि जीतू पटवारी को उचित फोरम पर अपनी बात रखनी चाहिए

