Mahakumbh 2025 : संगम की रेती पर बसा अध्यात्म का नगर: महाकुंभ ने बढ़ाई व्यापार की रौनक...
- Rohit banchhor
- 12 Jan, 2025
इस आयोजन ने धार्मिक आस्था के साथ व्यापारिक गतिविधियों को भी चरम पर पहुंचा दिया है।
Mahakumbh 2025 : प्रयागराज। दिव्य और भव्य महाकुंभ 2025 का आगाज सोमवार को पौष पूर्णिमा के पवित्र स्नान पर्व से हो गया है। पावन संगम की रेती पर मात्र ढाई माह में बसा यह अस्थायी नगर विश्व का सबसे बड़ा अध्यात्मिक आयोजन है। इस समय यहां लगभग दो करोड़ की आबादी मौजूद है, जिसमें 30 लाख कल्पवासी और एक करोड़ से अधिक संत-महात्मा शामिल हैं। इस आयोजन ने धार्मिक आस्था के साथ व्यापारिक गतिविधियों को भी चरम पर पहुंचा दिया है।

Mahakumbh 2025 : महाकुंभ के लिए सजा तंबुओं का शहर-
महाकुंभ नगर को सुसज्जित करने के लिए लाखों की संख्या में तंबू और टेंट लगाए गए हैं। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, गुजरात, पंजाब और हरियाणा जैसे छह राज्यों से लगभग दो करोड़ टन बल्ली और 165 लाख टन बांस यहां पहुंचाया गया। तीन लाख से अधिक टेंट, कनात और स्विस कॉटेज यहां स्थापित किए गए हैं। इनमें से कुछ महाराजा और दरबारी टेंट जैसे विशेष प्रकार के हैं।

Mahakumbh 2025 : 16 जिलों से ईंट और अन्य सामान की आपूर्ति-
महाकुंभ नगर के निर्माण के लिए प्रयागराज और आसपास के 16 जिलों से ईंटें लाई गई हैं। इसके अलावा, प्लाईवुड, कील और रस्सियों की आपूर्ति कई राज्यों से की गई। टेंट और अन्य ढांचों के लिए जर्मन हैंगर की मांग भी जबरदस्त रही। सबसे बड़ा हैंगर गंगा पंडाल है, जिसमें एक साथ 10,000 लोग बैठ सकते हैं।

Mahakumbh 2025: दुकानों और बाजारों की रौनक-
महाकुंभ ने स्थानीय और बाहरी व्यापारियों के लिए अवसरों के नए द्वार खोले हैं। खाद्यान्न, सब्जियां, दवाइयां, और प्रसाधन सामग्री की दुकानें हर तरफ सज गई हैं। सिंदूर, चूड़ी, जनेऊ, बिंदी, और चंदन जैसे धार्मिक उत्पादों की बिक्री खूब हो रही है। इसके अलावा, लोहे और स्टील के बर्तनों से लेकर कपड़ों तक की दुकानों में भी ग्राहकों की भीड़ देखी जा रही है।
Mahakumbh 2025 : खाद्यान्न और रसोई से जुड़ा कारोबार-
इस आयोजन में खाद्यान्न की मांग ने व्यापार को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। आटा, चावल, दाल और अन्य राशन की दुकानों पर लोगों की भीड़ उमड़ रही है। मेला क्षेत्र में कई ब्रांडेड कंपनियों ने अपने स्टॉल लगाए हैं। यहां तक कि नाविक, ई-रिक्शा और ऑटो चालक भी बड़े पैमाने पर जुटे हैं, जिससे परिवहन व्यवस्था को भी बढ़ावा मिला है।

Mahakumbh 2025 : बिजली, पानी और अन्य संसाधनों की आपूर्ति-
महाकुंभ नगर में बिजली और पानी की आपूर्ति के लिए बड़ी संख्या में बल्ब, होल्डर, स्विच, और पाइपलाइन सिस्टम लगाए गए हैं। टॉयलेट, सिस्टर्न, और बेसिन जैसे उत्पादों की भी बड़ी मांग रही। अस्पतालों में दवाओं, निडल और सिरिंज की उपलब्धता भी सुनिश्चित की गई है।
Mahakumbh 2025 : सबसे बड़ा जनसमागम और आर्थिक गतिविधियां- महाकुंभ 2025 न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन है, बल्कि यह आर्थिक दृष्टि से भी एक बड़ा प्लेटफॉर्म बन गया है। चाय-नाश्ते की दुकानें, रेस्टोरेंट, और होटल्स ने भी अपने व्यापार को नई गति दी है। संगम की रेती पर बसे इस नगर में हर ओर आस्था और व्यापार का संगम देखने को मिल रहा है।

