2 सीटों पर उपचुनाव: चुनावी सभा और रैली का खर्च उम्मीदवार के चुनावी खर्च में होगा शामिल
भोपाल। सीहोर जिले की बुधनी और श्योपुर जिले की विजयपुर सीट पर उपचुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया गया है। दोनों सीटों पर शुक्रवार से नामांकन पत्र जमा किए जा सकेंगे। नामांकन पत्र 25 अक्टूबर तक भरे जाएंगे। नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी 28 अक्टूबर को होगी और 30 अक्टूबर तक नामांकन वापस लिए जा सकेंगे। इन सीटों पर वोटिंग 13 नवंबर को होगी। नतीजे 23 नवंबर को आएंगे।
प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुखवीर सिंह ने पत्रकारों से चर्चा में कहा कि बुधनी और विजयपुर सीटों पर उपचुनाव होंगे, जिसके चलते सीहोर और श्योपुर जिले में मंगलवार से आदर्श आचरण संहिता प्रभावशील हो गई है, जो चुनावी प्रक्रिया पूरी होने तक जारी रहेगी। चुनाव आयोग के निर्देश हैं कि जिन जिलों में नगर निगम काम कर रहा है, वहां शहरी क्षेत्र में आचार संहिता प्रभावशील रहती है। इसी कारण बुधनी और विजयपुर विधानसभा क्षेत्र वाले जिलों क्रमशः सीहोर व श्योपुर में चुनाव आचार संहिता 23 नवंबर तक प्रभावशील रहेगी।
दोनों जिलों में अधिकारियों को आचार संहिता का पालन कड़ाई कि अब किसी भी राजनीतिक दल की सभा या रैली होने पर उसे चुनावी खर्च की कैटेगरी में शामिल किया जाएगा, जो कि कैंडिडेट घोषित होने के बाद पार्टी और प्रत्याशी के खर्च में शामिल होगा। सीईओ सिंह ने जिले की सीमा में आचार संहिता का कड़ाई से पालान कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव शिकायत सेल सक्रिय हो गई है। इस पर आचार संहिता के उल्लंघन संबंधी शिकायत की जा सकती है। दोनों ही विधानसभा क्षेत्रों के लिए जल्द ही चुनाव आयोग की ओर से ऑब्जर्वर भी नियुक्त किए जाएंगे।
दोनों जिलों में अधिकारियों को आचार संहिता का पालन कड़ाई कि अब किसी भी राजनीतिक दल की सभा या रैली होने पर उसे चुनावी खर्च की कैटेगरी में शामिल किया जाएगा, जो कि कैंडिडेट घोषित होने के बाद पार्टी और प्रत्याशी के खर्च में शामिल होगा। सीईओ सिंह ने जिले की सीमा में आचार संहिता का कड़ाई से पालान कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव शिकायत सेल सक्रिय हो गई है। इस पर आचार संहिता के उल्लंघन संबंधी शिकायत की जा सकती है। दोनों ही विधानसभा क्षेत्रों के लिए जल्द ही चुनाव आयोग की ओर से ऑब्जर्वर भी नियुक्त किए जाएंगे।
बीजेपी ने चुनाव से पहले की बड़ी मांग
चुनाव आयोग की बैठक में भाजपा ने सुझाव दिया कि जहां 1500 से अधिक वोटर पर उपमतदान केंद्र आयोग बनाए, उसकी सूचना राजनीतिक दलों को दी जानी चाहिए। भाजपा की और से बैठक में विधि प्रकोष्ठ के प्रभारी एसएस उप्पल ने कहा कि दोनों विस सीट पर जितने भी उपमतदान केंद्र बनाए जाने हैं उनकी जानकारी पार्टी को दी जाए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग द्वारा दिव्यांग और बुजुर्ग मतदाताओं को घर से मतदान करने की छूट है ऐसे में जब उनके घर से मतदान कराने अधिकारी जाएं, तो इसकी सूचना भी सभी पार्टियों को दी जाए।
भाजपा ने सुझाव दिया कि जिन अधिकारियों की इन चुनाव में तैनाती की जा रही है उनके नाम एवं फोन नंबर दे दिए जाएं, जिससें किसी भी प्रकार की घटना होने पर उनसे शिकायत की जा सके। इसके अलावा कुछ दलों ने मतपत्रों के माध्यम से चुनाव कराने की बात कही जिसका भाजपा ने विरोध करते हुए कहा ईवीएम स्थापित मशीन है। उसमें किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं की जा सकती
भाजपा ने सुझाव दिया कि जिन अधिकारियों की इन चुनाव में तैनाती की जा रही है उनके नाम एवं फोन नंबर दे दिए जाएं, जिससें किसी भी प्रकार की घटना होने पर उनसे शिकायत की जा सके। इसके अलावा कुछ दलों ने मतपत्रों के माध्यम से चुनाव कराने की बात कही जिसका भाजपा ने विरोध करते हुए कहा ईवीएम स्थापित मशीन है। उसमें किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं की जा सकती

