बंधुआ मजदूरों को कराया मुक्त, सुदूर कर्नाटक राज्य से, बकाया मजदूरी भी दिलवाई
जगदलपुर: बस्तर जिला प्रशासन ने कर्नाटक से 14 बंधुआ मजदूरों को सफलतापूर्वक मुक्त कराया और उनकी बकाया मजदूरी का भुगतान भी सुनिश्चित किया। कलेक्टर हरिस एस के निर्देश पर बस्तर जिला बचाव दल ने यह अभियान चलाया, जिसके तहत मुक्त कराए गए मजदूरों को कुल 3,28,500 रुपये की बकाया मजदूरी दी गई।
मामले का संज्ञान और बचाव अभियान
यह मामला तब सामने आया जब टोकापाल तहसील के नैन्नार और दरभा तहसील के बिसपुर गाँवों के मजदूरों को मक्का और अंगूर की फ़सल काटने के बहाने कर्नाटक के विजयपुरा जिले के बबलेश्वर गांव में ले जाया गया। हालांकि, बाद में इन मजदूरों को उनकी इच्छा के खिलाफ वहां रोक लिया गया। इस मामले की शुरुआत 4 नवंबर 2024 को हुई, जब देवा पुत्र तोरका ने जिला प्रशासन से शिकायत की कि एक ठेकेदार, भारत पुत्र स्वर्गीय लिति, ने इन मजदूरों को बंधक बना रखा है। इसके बाद कलेक्टर हरिस एस ने तत्काल एक पांच सदस्यीय टीम का गठन किया, जो 30 नवंबर 2024 को कर्नाटक के लिए रवाना हुई।
सफल बचाव और मजदूरी का भुगतान
बचाव दल ने न केवल 10 मजदूरों को मुक्त किया, बल्कि कुल 14 बंधुआ मजदूरों को भी विजयपुरा के बबलेश्वर गांव से मुक्त कराया। इसके साथ ही, टीम ने सुनिश्चित किया कि इन मजदूरों को जगदलपुर लौटने से पहले बकाया मजदूरी के रूप में 3,28,500 रुपये का भुगतान किया जाए।
आधिकारिक बयान
जगदलपुर में श्रम अधिकारी ने कलेक्टर हरिस एस की तत्काल कार्रवाई की सराहना की और कहा कि यह कदम श्रम शोषण को खत्म करने और कमजोर समुदायों को न्याय दिलाने के लिए जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

