अमित शाह पर कांग्रेस के आरोपों के बीच CM के मीडिया सलाहकार ने कांग्रेस पर लगाया गंभीर आरोप...
नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर पर की गई टिप्पणी को लेकर कांग्रेस के आरोपों के बीच, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मीडिया सलाहकार पंकज कुमार झा ने कांग्रेस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। झा ने सोशल मीडिया में कांग्रेस पर अंबेडकर का अपमान करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस शासनकाल में एनसीईआरटी की पाठ्य पुस्तकों में बाबा साहेब का आपत्तिजनक कार्टून प्रकाशित किया गया था।
झा का आरोप
पंकज झा ने दावा किया कि कांग्रेस शासन के दौरान एनसीईआरटी की किताबों में एक कार्टून प्रकाशित किया गया था, जिसमें दिखाया गया था कि जवाहरलाल नेहरू बाबा साहेब अंबेडकर को कोड़े मार रहे हैं। यह घटना उस समय की है जब कपिल सिब्बल शिक्षा मंत्री थे और योगेंद्र यादव एनसीईआरटी के सलाहकार थे। झा ने लिखा, "यह कांग्रेस के इतिहास का एक और काला अध्याय है, जब बच्चों को ऐसी अशोभनीय चीजें पढ़ाई गईं। आज कांग्रेस बाबा साहेब के नाम पर घड़ियाली आंसू बहा रही है, लेकिन इसके ऐसे कृत्यों को याद रखना चाहिए।"
कांग्रेस पर अंबेडकर का अपमान करने का आरोप
झा ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि नेहरू ने अंबेडकर को कैबिनेट से इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया और उनकी लगातार अवहेलना की। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस ने संविधान निर्माता अंबेडकर को सम्मानित करने में हमेशा देरी की। उन्होंने लिखा, "कांग्रेस ने खुद को भारत रत्न देकर सम्मानित किया, लेकिन अंबेडकर के योगदान को बहुत देर से पहचाना। ऐसी पार्टी की यह राजनीति दोहरे मापदंड का परिचायक है।"
प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों की सराहना
पंकज झा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पंचतीर्थ जैसी पहल की सराहना की, जो अंबेडकर की स्मृति को सम्मानित करने और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए की गई थी। उन्होंने इसे अंबेडकर के सपनों को साकार करने के लिए वास्तविक श्रद्धांजलि बताया।
कार्टून विवाद
झा ने यह भी कहा कि उनके पास कांग्रेस द्वारा प्रकाशित किए गए विवादित कार्टून की प्रति है, लेकिन इसे सार्वजनिक रूप से साझा करना उचित नहीं समझा। उन्होंने लिखा, "सोचिए, जो कार्टून कांग्रेस बच्चों को पढ़ा रही थी, वह कितना अशोभनीय था।" यह विवाद अमित शाह की उस टिप्पणी के बाद शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने कहा था कि कांग्रेस ने अंबेडकर के नाम को "फैशन" बना दिया है। कांग्रेस ने इसे अंबेडकर का अपमान बताते हुए शाह से माफी और इस्तीफे की मांग की है। बीजेपी ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कांग्रेस के अतीत के कृत्यों और अंबेडकर के प्रति उसकी कथित उपेक्षा को उजागर किया।

