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CG News : फर्जी GST नेटवर्क पर DGGI का बड़ा वार, 12.5 करोड़ के ITC घोटाले में यूपी से आरोपी गिरफ्तार

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बोगस कंपनियों के जरिए करोड़ों रुपये का फर्जी टैक्स क्रेडिट हासिल करने और उसे विभिन्न फर्मों में ट्रांसफर करने का आरोप है।

CG News : रायपुर। करोड़ों रुपये के फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) घोटाले की जांच में जुटी डीजीजीआई रायपुर ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश से एक अहम आरोपी को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी ने शाहजहांपुर जिले से कुलदीप उर्फ अभिषेक पाठक को हिरासत में लिया है, जिस पर बोगस कंपनियों के जरिए करोड़ों रुपये का फर्जी टैक्स क्रेडिट हासिल करने और उसे विभिन्न फर्मों में ट्रांसफर करने का आरोप है।


सूत्रों के अनुसार, छत्तीसगढ़ में चल रही फर्जी ITC जांच के दौरान अभिषेक पाठक का नाम सामने आया था। पूछताछ के लिए कई बार नोटिस जारी किए जाने के बावजूद उसके उपस्थित नहीं होने पर डीजीजीआई की टीम उत्तर प्रदेश पहुंची और शाहजहांपुर के अतिबरा गांव से उसे गिरफ्तार कर रायपुर लेकर आई।


स्क्रैप कारोबार की आड़ में करोड़ों का खेल-

जांच एजेंसियों का दावा है कि आरोपी ने कथित रूप से रायपुर निवासी अमन सिंह के साथ मिलकर स्क्रैप कारोबार से जुड़ी कई फर्मों का संचालन किया। आरोप है कि इन कंपनियों के माध्यम से कागजों में लेन-देन दिखाकर करोड़ों रुपये का फर्जी ITC प्राप्त किया गया और उसे आगे विभिन्न इकाइयों तक पहुंचाया गया।


परिवार के नाम पर बनाई गईं फर्में-

जांच में यह भी सामने आया है कि नेटवर्क को छिपाने के लिए परिवार के सदस्यों के नाम पर कई फर्में बनाई गई थीं। इनमें समृद्धि ट्रेडिंग और ख्याति इंटरप्राइजेज जैसी कंपनियों के नाम जांच के दायरे में आए हैं। अधिकारियों का मानना है कि इन फर्मों के जरिए भी टैक्स क्रेडिट से जुड़ी अनियमितताएं की गईं।


घर से मिले अहम सुराग-

कार्रवाई के दौरान जांच टीम ने आरोपी के ठिकाने से मोबाइल फोन, वित्तीय दस्तावेज और अन्य रिकॉर्ड जब्त किए हैं। माना जा रहा है कि इन दस्तावेजों से फर्जी ITC नेटवर्क के अन्य सदस्यों और लेन-देन की परतें खुल सकती हैं।


16 करोड़ से ज्यादा के नेटवर्क की जांच-

डीजीजीआई को प्रारंभिक जांच में 16 करोड़ रुपये से अधिक के संदिग्ध टैक्स क्रेडिट नेटवर्क के संकेत मिले हैं। अधिकारियों का अनुमान है कि यह नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हो सकता है और जांच आगे बढ़ने पर कई अन्य नाम भी सामने आ सकते हैं।


सुजीत मलिक के कार्यकाल की पहली बड़ी कार्रवाई-

यह गिरफ्तारी इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि डीजीजीआई रायपुर में प्रधान अतिरिक्त महानिदेशक के रूप में सुजीत मलिक के पदभार संभालने के बाद यह पहली बड़ी कार्रवाई है। विभागीय सूत्रों के अनुसार फर्जी GST और ITC नेटवर्क के खिलाफ अभियान को और तेज करने की तैयारी की जा रही है।

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