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26th Asian Athletics Championships : छत्तीसगढ़ के अनिमेष कुजूर ने रचा इतिहास, 200 मीटर में कांस्य पदक के साथ तोड़ा राष्ट्रीय रिकॉर्ड

26th Asian Athletics Championships

इस उपलब्धि के साथ अनिमेष भारत के दूसरे ऐसे धावक बन गए हैं, जिन्होंने एशियाई चैंपियनशिप में 200 मीटर में पदक जीता, इससे पहले 2015 में धरमबीर सिंह ने यह कारनामा किया था।

26th Asian Athletics Championships : रायपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के छोटे से गांव घुईटांगर के 21 वर्षीय स्टार धावक अनिमेष कुजूर ने दक्षिण कोरिया के गुमी में आयोजित 26वीं एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में पुरुषों की 200 मीटर फाइनल में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया। अनिमेष ने 20.32 सेकंड का समय निकालकर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया, जो उनके पिछले 20.40 सेकंड के रिकॉर्ड से बेहतर है। यह रिकॉर्ड उन्होंने इस वर्ष की शुरुआत में राष्ट्रीय फेडरेशन सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में बनाया था। इस उपलब्धि के साथ अनिमेष भारत के दूसरे ऐसे धावक बन गए हैं, जिन्होंने एशियाई चैंपियनशिप में 200 मीटर में पदक जीता, इससे पहले 2015 में धरमबीर सिंह ने यह कारनामा किया था।


जापान और सऊदी अरब से कांटे की टक्कर-

200 मीटर फाइनल में अनिमेष ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जापान के तोवा उजावा (20.12 सेकंड, स्वर्ण) और सऊदी अरब के अब्दुलअजीज अताफी (20.31 सेकंड, रजत) के साथ कांटे की टक्कर दी। अंतिम 70 मीटर में उनकी तेज रफ्तार ने उन्हें पोडियम तक पहुंचाया। अनिमेष का यह 20.32 सेकंड का समय न केवल उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ है, बल्कि भारत के लिए 200 मीटर में नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी है। इस जीत ने भारत की पदक तालिका में 19वां पदक जोड़ा, जिसमें 8 स्वर्ण, 7 रजत और 4 कांस्य शामिल हैं।


छत्तीसगढ़ से ओडिशा तक का सफर-

अनिमेष के पिता अमृत कुजूर बलौदा बाजार जिले में ट्रैफिक डीएसपी और मां एसपी ऑफिस में इंस्पेक्टर हैं। अनिमेष ने अंबिकापुर के सैनिक स्कूल में पढ़ाई की और रायपुर में अपने मौसा समीर कुजूर और मौसी अनिमा एस कुजूर के घर रहकर शुरुआती प्रशिक्षण लिया। उनके पहले कोच दिनेश टांडी ने रायपुर के रविशंकर विश्वविद्यालय में उनकी प्रतिभा को निखारा। 2023 में रिलायंस फाउंडेशन के कोच मार्टिन ओबियंस ने अनिमेष की क्षमता को पहचाना और उन्हें ओडिशा ले गए, जहां उन्होंने कठिन मेहनत और मार्टिन की कोचिंग में अपनी रफ्तार को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।


फुटबॉल से एथलेटिक्स तक, अनिमेष की प्रेरणादायक यात्रा-

अनिमेष ने अपने करियर की शुरुआत फुटबॉलर के रूप में की थी, लेकिन चोट से बचने के लिए उन्होंने एथलेटिक्स को चुना। उनकी प्रेरणा विश्व के महान धावक उसैन बोल्ट रहे, जिनके “लाइटनिंग बोल्ट” सेलिब्रेशन को अनिमेष ने फेडरेशन कप 2025 में रिकॉर्ड तोड़ने के बाद दोहराया। अनिमेष का सपना 20 सेकंड से कम समय में 200 मीटर दौड़ने वाला पहला भारतीय बनना है। उनकी यह उपलब्धि उन्हें भारत के शीर्ष धावकों में शामिल करती है।


मुख्यमंत्रियों ने दी बधाई-

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने अनिमेष को उनकी उपलब्धि पर बधाई दी। मांझी ने सोशल मीडिया पर लिखा, “ओडिशा के धावक अनिमेष कुजूर को 200 मीटर में 20.32 सेकंड के साथ कांस्य पदक और नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाने के लिए बधाई। इस उपलब्धि ने पूरे देश को गौरवान्वित किया है।” छत्तीसगढ़ के सीएम साय ने कहा, “अनिमेष ने जशपुर और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया है। उनकी मेहनत और हौसला युवाओं के लिए प्रेरणा है।

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