जनजातीय गौरव दिवस : छत्तीसगढ़ में आदिवासी संस्कृति और प्रकृति प्रेम को सम्मानित करते हुए कौशिल्या देवी साय ने दिया प्रेरक संदेश...
- Rohit banchhor
- 16 Dec, 2024
नारी सशक्तिकरण पर भी जोर दिया और कहा कि नारी के बिना समाज का कोई अस्तित्व नहीं है।
CG News : रायपुर। छत्तीसगढ़ में जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर राज्यभर में आदिवासी समुदाय की सांस्कृतिक विरासत और उनके योगदान को सम्मानित किया गया। यह आयोजन भारतीय स्वतंत्रता सेनानी और लोक नायक बिरसा मुंडा की जयंती 16 दिसंबर को आयोजित हुआ, जिसमें छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की धर्मपत्नी कौशिल्या देवी साय ने मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा लिया।

CG News : कार्यक्रम की शुरुआत संगीत विभाग की प्रमुख और छात्राओं द्वारा राजकीय गीत से हुई। महाविद्यालय की छात्राओं ने जशपुरीया मांदर गीत पर नृत्य प्रस्तुत किया, जो आदिवासी संस्कृति की समृद्धता को दर्शाता है। इस दौरान कौशिल्या देवी साय ने अपने संबोधन में कहा कि, आदिवासी समाज अपने अतीत को संभाल कर रखना चाहिए, और हमें हमारी संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए हमेशा तत्पर रहना चाहिए। उन्होंने नारी सशक्तिकरण पर भी जोर दिया और कहा कि नारी के बिना समाज का कोई अस्तित्व नहीं है।
CG News : साथ ही, उन्होंने आदिवासी समाज के प्रकृति प्रेम का उल्लेख करते हुए कहा, आदिवासी समाज प्रकृति को अपने जीवन का हिस्सा मानता है और हर व्यक्ति को एक पेड़ अवश्य लगाना चाहिए। इसके अलावा, उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि परिस्थितियाँ स्थाई नहीं होतीं, संघर्ष करें और आगे बढ़ें।

CG News : कार्यक्रम के मुख्य वक्ता, रामनाथ कश्यप ने अपने विचारों में आदिवासी समाज के योगदान को सराहा और कहा कि अंग्रेजों ने भारतीय और जनजातीय संस्कृति को दबाने की कोशिश की थी, लेकिन जनजातीय समाज ने हमेशा अपने स्वाभिमान और समृद्ध वैदिक संस्कृति को बनाए रखा। उन्होंने इस समाज की सरलता, कर्मठता और सत्यनिष्ठा की सराहना करते हुए इसे विश्वभर में ख्याति अर्जित करने वाला बताया।
CG News : महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. प्रीति मिश्रा ने अपने संबोधन में जनजातीय समाज की मातृसत्तात्मक व्यवस्था को उजागर किया, जिसमें महिलाओं को विशेष स्थान प्राप्त है।

CG News : इस कार्यक्रम में विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया, जिनमें निबंध, पॉट सजाओ, दिया सजाओ, ग्रीटिंग कार्ड, और पोस्टर प्रतियोगिता शामिल थीं। इन प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम के सफल संचालन में डॉ. श्वेता अग्निवंशी और डॉ. रुपा सल्होत्रा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

CG News : अंत में धन्यवाद ज्ञापन डॉ. दीप्ति झा, विभागाध्यक्ष भौतिक शास्त्र विभाग और प्रभारी आईक्यूएसी ने किया। इस आयोजन में महाविद्यालय के विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, वरिष्ठ प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापक, अतिथि व्याख्याता, कर्मचारी, और बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित थीं।

