Sukma Naxal encounter: छत्तीसगढ़-आंध्रप्रदेश बॉर्डर पर एनकाउंटर में मारा गया हिड़मा, पत्नी भी ढेर, 6 नक्सली भी मारे गए, शव और हथियार बरामद, सर्चिंग जारी
- Pradeep Sharma
- 18 Nov, 2025
Sukma Naxal encounter: रायपुर। आंध्र प्रदेश-छत्तीसगढ़ बॉर्डर के पास जंगल में मंगलवार सुबह सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ टॉप नक्सली कमांडर मादवी हिडमा और उसकी पत्नी को सुरक्षा बलों ने मार गिराया है।
Sukma Naxal encounter: रायपुर। आंध्र प्रदेश-छत्तीसगढ़ बॉर्डर के पास जंगल में मंगलवार सुबह सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ टॉप नक्सली कमांडर मादवी हिडमा और उसकी पत्नी को सुरक्षा बलों ने मार गिराया है। आंध्र प्रदेश के अल्लूरी जिले और छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षाबलों ने माओवादियों को पकड़ने के लिए सर्च अभियान चलाया था, इसी दौरान नक्सलियों से जवानों का आमना सामना हो गया।
Sukma Naxal encounter: पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी बटालियन नंबर 1 का चीफ था हिडमा
मादवी हिडमा पिछले दो दशकों से सुरक्षा बलों के लिए वह चुनौती बना हुआ था। वह न सिर्फ PLGA (पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी) की बटालियन नंबर 1 का प्रमुख था, बल्कि सीपीआई (माओवादी) की केंद्रीय समिति का भी सबसे कम उम्र का सदस्य रहा था। उसकी रणनीतिक सोच और जंगलों में गुरिल्ला युद्ध की क्षमता ने उसे संगठन का सबसे प्रभावशाली चेहरों में से एक बना दिया था।
Sukma Naxal encounter: सुकमा हमले का मास्टरमाइंड
हिडमा का जन्म वर्ष 1981 में छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के पुवर्ती इलाके में हुआ था। बेहद कम उम्र में ही वह माओवादी संगठन से जुड़ गया और कमांडर बन गया। साल 2013 में छत्तीसगढ़ के दरभा घाटी नरसंहार में वह मुख्य साजिशकर्ता था, जिसमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं समेत 27 लोग मारे गए थे।

Sukma Naxal encounter: इसके अलावा 2017 में सुकमा में CRPF पर हुए घातक हमले में भी उसका मुख्य रोल था, जिसमें 25 जवान शहीद हुए थे। उसने कम से कम 26 बड़े हमलों की योजना बनाई और उन्हें अंजाम दिया। उस पर एक करोड़ का इनाम था।
Sukma Naxal encounter: पत्नी भी नक्सल गतिविधियों में रही शामिल
आंध्र प्रदेश की पुलिस और विशेष बलों को लंबे समय से उसकी गतिविधियों के बारे में इनपुट मिल रहे थे। ताजा मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने गुप्त सूचना के आधार पर जंगल में घेरा डालकर ऑपरेशन शुरू किया। जवाबी फायरिंग में हिडमा और उसकी पत्नी मारे गए. उसकी पत्नी भी नक्सली संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती थी और कई ऑपरेशनों में सक्रिय रही थी।

