Ministry of Defence: स्वदेशी रक्षा तकनीक को बढ़ावा, बीईएमएल को ₹590 करोड़ का माइन ट्रॉल अनुबंध, बारूदी सुरंगों का होगा सफाया
Ministry of Defence: नई दिल्ली: भारतीय सेना की युद्धक क्षमता को और सशक्त बनाने तथा स्वदेशी रक्षा तकनीक को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रक्षा मंत्रालय ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। केंद्र सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी बीईएमएल लिमिटेड को ₹590 करोड़ का बड़ा अनुबंध प्रदान किया है। इस सौदे के तहत बीईएमएल सेना के मुख्य युद्धक टैंक टी-72 और टी-90 के लिए अत्याधुनिक माइन ट्रॉल असेंबली, यानी बारूदी सुरंगों को हटाने वाले उपकरण की आपूर्ति करेगी।
Ministry of Defence: नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान रक्षा मंत्रालय और बीईएमएल के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच इस अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए। यह पहल ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को मजबूती देने के साथ-साथ भारतीय सेना की आक्रामक क्षमता में भी इजाफा करेगी। इन आधुनिक माइन ट्रॉल्स को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के सहयोग से पूरी तरह स्वदेशी तकनीक के आधार पर विकसित किया गया है। विशेष रूप से पुणे स्थित अनुसंधान इकाई की भूमिका इस परियोजना में अहम रही है। इससे भारत की रक्षा जरूरतों के लिए विदेशी आयात पर निर्भरता में कमी आएगी।
Ministry of Defence: युद्ध के मैदान में बारूदी सुरंगें सेना की प्रगति में बड़ी बाधा बनती हैं। ऐसे में यह ट्रॉल सिस्टम टैंकों के आगे लगकर सुरंगों को निष्क्रिय करता है और सुरक्षित मार्ग तैयार करता है। इससे बख्तरबंद टुकड़ियों की गति और सुरक्षा दोनों में सुधार होगा। बीईएमएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक शांतनु रॉय ने इस अनुबंध को कंपनी के लिए गर्व का विषय बताया। उन्होंने कहा कि यह सरकार के भरोसे और डीआरडीओ के साथ मजबूत साझेदारी का परिणाम है। उल्लेखनीय है कि बीईएमएल रक्षा, एयरोस्पेस, रेलवे और निर्माण जैसे क्षेत्रों में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

