Ebola Virus: कांगो और युगांडा में इबोला वायरस का कहर, WHO ने घोषित की ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी, जानें क्या है इबोला वायरस
Ebola Virus: नई दिल्ली: विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कांगो और युगांडा में फैल रहे इबोला वायरस के प्रकोप को अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया है। यह फैसला 300 से ज्यादा संदिग्ध मामलों और 88 मौतों के बाद लिया गया। WHO प्रमुख टेड्रोस अधानोम घेब्रेयसस ने कहा कि स्थिति गंभीर है, लेकिन यह कोविड-19 जैसी वैश्विक महामारी नहीं है।
बुंडिबुग्यो स्ट्रेन बना चिंता की वजह
यह प्रकोप इबोला के दुर्लभ बुंडिबुग्यो स्ट्रेन के कारण फैल रहा है। सबसे बड़ी चिंता यह है कि इस स्ट्रेन के लिए फिलहाल कोई स्वीकृत टीका या विशेष इलाज उपलब्ध नहीं है। संक्रमण अब कांगो के इटुरी प्रांत से निकलकर युगांडा की राजधानी कंपाला और कांगो की राजधानी किंशासा तक पहुंच चुका है।
तेजी से बढ़ रहे संदिग्ध मामले
स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार अब तक 246 संदिग्ध मामले, 8 पुष्ट संक्रमण और 80 से अधिक संदिग्ध मौतें दर्ज की गई हैं। पहला मामला एक नर्स से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसकी 24 अप्रैल को मौत हुई थी। WHO का कहना है कि वास्तविक आंकड़े इससे कहीं अधिक हो सकते हैं।
क्या है इबोला वायरस
इबोला एक गंभीर और जानलेवा बीमारी है, जो संक्रमित जानवरों से इंसानों में फैलती है। इसके मुख्य लक्षण बुखार, उल्टी और आंतरिक रक्तस्राव हैं। WHO ने लोगों को संक्रमित व्यक्तियों से दूरी बनाए रखने और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है।
सीमाएं बंद न करने की अपील
WHO ने पड़ोसी देशों से निगरानी बढ़ाने को कहा है, लेकिन सीमाएं बंद करने और व्यापार रोकने से बचने की सलाह दी है, ताकि वायरस की निगरानी प्रभावित न हो।

