Tamil Nadu NDA Seat Sharing Final: तमिलनाडु में एनडीए की सीट शेयरिंग फाइनल,170 से ज्यादा सीटों पर AIADMK, 27 पर भाजपा, बाकी में गठबंधन दल लड़ेंगे चुनाव, जानें क्या बोले पीयूष गोयल
Tamil Nadu NDA Seat Sharing Final : चेन्नई। तमिलनाडु में एनडीए की सीट शेयरिंग फाइनल हो चुकी है। एआईएडीएमके 178 सीटों पर चुनाव लड़ेगी तो वहीं भारतीय जनता पार्टी के खाते में 27 सीटें आई हैं। इसके अलावा पट्टाली मक्कल काची (पीएमके) को 18 सीटें और अम्मा मक्कल मुनेत्र कड़गम (एएमएमके) को 11 सीटें मिली हैं। पलानीस्वामी ने चेन्नई स्थित पार्टी मुख्यालय में आयोजित एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ये ऐलान किया गया। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, बीजेपी तमिलनाडु अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन, पीएमके प्रमुख अंबुमाणि रामदास और एएमएमके के महासचिव टीटीवी दिनाकरन भी मौजूद रहे।
चेन्नई स्थित पार्टी मुख्यालय में आयोजित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुथिया नीधि काची के संस्थापक ए. सी. शन्मुगम ने बताया कि उन्होंने पीयूष गोयल को अपनी पार्टी की ओर से बीजेपी के ‘कमल’ चुनाव चिन्ह पर नौ सीटों से चुनाव लड़ने की इच्छा से अवगत करा दिया है। उन्होंने वेल्लोर में अपने पिछले चुनावी प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि 2014 में बीजेपी के टिकट पर उन्हें करीब 3.25 लाख वोट मिले थे, जबकि अन्नाद्रमुक के समर्थन के साथ चुनाव लड़ने पर यह संख्या बढ़कर 4.70 लाख तक पहुंच गई थी।
पीयूष गोयल ने क्या कहा-
इसी दौरान पीयूष गोयल ने कहा कि तमिलनाडु की जनता आगामी चुनावों में डीएमके-कांग्रेस गठबंधन को उसी तरह खारिज करेगी, जैसे महाराष्ट्र, हरियाणा, बिहार और दिल्ली में इंडिया गठबंधन को नकारा गया था। उन्होंने डीएमके पर आर्थिक कुप्रबंधन और तमिल संस्कृति को प्रभावित करने वाली नीतियां अपनाने का आरोप लगाया। गोयल ने कहा कि राज्य के लोग अब सुशासन, विकास आधारित राजनीति और युवाओं व महिलाओं के लिए बेहतर अवसर चाहते हैं।उन्होंने यह भी दावा किया कि पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए सरकार के लिए तमिलनाडु पूरी तरह तैयार है।
तमिलनाडु में 23 अप्रैल को हैं चुनाव, 4 मई को नतीजे-
बता दें कि, तमिलनाडु में 23 अप्रैल को एक ही चरण में चुनाव होंगे और वोटों की गिनती 4 मई को होगी। 234 सदस्यों वाली राज्य विधानसभा का मौजूदा कार्यकाल 10 मई को खत्म हो रहा है। मुख्य चुनावी मुकाबला द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के नेतृत्व वाले सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस के बीच होने की उम्मीद है। इसमें कांग्रेस, डीएमके और अन्य पार्टियां शामिल हैं। सत्ताधारी गठबंधन को हटाने की कोशिश में नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस है, जिसका नेतृत्व ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम कर रही है और बीजेपी और पट्टाली मक्कल काची इसके सहयोगी हैं।

