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Mahakumbh 2025 : प्रयागराज महाकुंभ में नया कीर्तिमान: अनामिका शर्मा ने 13 हजार फीट की ऊंचाई पर महाकुंभ का झंडा लहराकर रचा इतिहास

उनके इस प्रयास ने भारतीय संस्कृति, आस्था और परंपराओं का अद्वितीय परिचय दिया।

Mahakumbh 2025 : प्रयागराज महाकुंभ में नया कीर्तिमान: अनामिका शर्मा ने 13 हजार फीट की ऊंचाई पर महाकुंभ का झंडा लहराकर रचा इतिहास
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Mahakumbh 2025 : प्रयागराज। महाकुंभ 2025 की तैयारी के बीच प्रयागराज की बेटी अनामिका शर्मा ने एक और अद्वितीय कीर्तिमान रचते हुए महाकुंभ का आधिकारिक झंडा 13 हजार फीट की ऊंचाई से लहरा दिया। 8 जनवरी 2025 को बैंकॉक के आसमान में अनामिका ने यह ऐतिहासिक छलांग लगाई, जिससे उन्होंने महाकुंभ 2025 को दुनिया भर में प्रसिद्धि दिलाई। अनामिका ने इस छलांग के साथ महाकुंभ के भव्य आयोजन में भारत की संस्कृति और परंपराओं का संदेश दुनिया तक पहुंचाया।

Mahakumbh 2025 : भारत की संस्कृति का अद्वितीय प्रदर्शन-
अनामिका शर्मा ने इस छलांग में "जय श्री राम" और "राम मंदिर" का ध्वज भी अपने साथ लिया था। इससे पहले, अनामिका ने अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन के मौके पर भी 13,000 फीट की ऊंचाई से श्रीराम के ध्वज के साथ छलांग लगाई थी। उनके इस प्रयास ने भारतीय संस्कृति, आस्था और परंपराओं का अद्वितीय परिचय दिया।

Mahakumbh 2025 : महाकुंभ की महानता में योगदान-
महाकुंभ 2025 को दिव्य और भव्य बनाने के लिए अनामिका ने अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। महाकुंभ का आयोजन विश्व का सबसे बड़ा मानव कल्याण का कार्यक्रम माना जाता है, जहां सभी धर्मों, जातियों और देशों के लोग एकत्रित होते हैं। अनामिका ने इस अवसर पर कहा कि "महाकुंभ की यह यात्रा हमारे राष्ट्र की महानता का प्रतीक है और मैं गर्व से कहती हूं कि मैं भारत की बेटी हूं।"

Mahakumbh 2025 : अनामिका शर्मा की शौर्य गाथा-
अनामिका शर्मा, जो भारत की सबसे कम उम्र की सी लाइसेंस प्राप्त महिला स्काई ड्राइवर हैं, ने अपनी पहली छलांग 10 साल की उम्र में ही 13,000 फीट की ऊंचाई से लगाई थी। अनामिका का यह सफर उनके पिता, पूर्व वायु सैनिक अजय कुमार शर्मा के प्रोत्साहन से शुरू हुआ था, जिन्होंने उन्हें स्काई डाइविंग के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

Mahakumbh 2025 : आगामी योजनाएं: महिला सशक्तिकरण का प्रतीक-
अब अनामिका शर्मा की योजना महिला दिवस 2025 के पहले गंगा-जमुना-सरस्वती के संगम में जल पर लैंडिंग करने की है। यह प्रदर्शन महिला सशक्तिकरण के प्रतीक के रूप में होगा। अनामिका एक प्रशिक्षित स्कूबा डाइवर भी हैं और इस प्रदर्शन के लिए उन्होंने जल पर लैंडिंग का प्रशिक्षण भी प्राप्त किया है।

Mahakumbh 2025 : अभूतपूर्व साहस और समर्पण-
अनामिका शर्मा ने अपने जीवन में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां प्राप्त की हैं और भारतीय संस्कृति के प्रति अपनी निष्ठा और साहस का अनूठा परिचय दिया है। उनका कहना है, "मैं हमेशा अपने देश और संस्कृति की सेवा करने के लिए हर रूप में प्रयास करूंगी। यह मेरी गर्व की बात है कि मैं महर्षि भारद्वाज के घर में पली-बढ़ी हूं और आज इस दुनिया में भारत का नाम रोशन कर रही हूं।"


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