पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह पंचतत्व में विलीन, राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार
नई दिल्ली: भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का गुरुवार रात 92 वर्ष की आयु में दिल्ली स्थित एम्स अस्पताल में निधन हो गया। डॉ. सिंह ने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में न केवल भारत की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी, बल्कि एक गंभीर और सशक्त नेता के रूप में अपनी पहचान बनाई। आज दिल्ली के निगम बोध घाट पर उनका अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया।
नेताओं और विदेशी प्रतिनिधियों ने दी श्रद्धांजलि
डॉ. सिंह के अंतिम संस्कार में देश और विदेश से कई प्रमुख हस्तियां शामिल हुईं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित कई नेताओं ने निगम बोध घाट पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। कांग्रेस की ओर से सोनिया गांधी, राहुल गांधी और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भी उन्हें अंतिम विदाई दी। विदेशी गणमान्य व्यक्तियों में भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक और मॉरीशस के विदेश मंत्री मनीष गोबिन भी अंतिम संस्कार में उपस्थित रहे।
तीनों सेनाओं ने दी सलामी
डॉ. मनमोहन सिंह के सम्मान में तीनों सेनाओं के प्रमुखों ने सलामी दी। उनके अंतिम संस्कार के दौरान पूरे राजकीय सम्मान का पालन किया गया। राष्ट्र ने अपने इस महान नेता को अंतिम विदाई दी, जो अपने शांत और दृढ़ स्वभाव के लिए हमेशा याद किए जाएंगे।
यादगार जीवन और अद्वितीय योगदान
डॉ. मनमोहन सिंह का भारतीय राजनीति में योगदान ऐतिहासिक रहा है। उन्होंने 1991 में वित्त मंत्री के रूप में आर्थिक उदारीकरण के जरिए देश को नई दिशा दी। 2004 से 2014 तक प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने देश को स्थिर नेतृत्व प्रदान किया। उनकी सादगी, ईमानदारी और विद्वता की गूंज हमेशा भारतीय राजनीति में सुनाई देगी। आज देश ने एक महान नेता, अर्थशास्त्री और दूरदर्शी व्यक्तित्व को खो दिया। उनकी कमी हमेशा खलेगी, लेकिन उनके विचार और योगदान हमेशा हमारे साथ रहेंगे।

