Delhi Budget: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पेश किया 1.03 लाख करोड़ का बजट, जानें क्या-क्या हुए एलान
Delhi Budget: नई दिल्ली: नई दिल्ली में मंगलवार को रेखा गुप्ता ने दिल्ली विधानसभा में अपने कार्यकाल का दूसरा और 1,03,700 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड बजट पेश किया। बजट प्रस्तुत करने से पहले उन्होंने देवी-देवताओं का स्मरण किया और पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले केवल घोषणाएं की गईं, लेकिन ठोस कार्य नहीं हुआ, जिससे जनता को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। इस बजट की खास बात यह है कि इसका 21 प्रतिशत हिस्सा ग्रीन बजट के लिए निर्धारित किया गया है। साथ ही, सरकार ने दावा किया कि राजधानी की प्रति व्यक्ति आय 5 लाख रुपये सालाना से अधिक हो चुकी है।
Delhi Budget: सरकार के अनुसार, इस वर्ष लगभग 9,000 करोड़ रुपये का रेवेन्यू सरप्लस रहने का अनुमान है। साथ ही, बाजार से 16,000 करोड़ रुपये कम ब्याज दर पर उधार लेने की योजना बनाई गई है। पिछले साल की तुलना में इस बार भी पूंजीगत व्यय (कैपिटल एक्सपेंडिचर) में वृद्धि रखी गई है।
Delhi Budget: बजट में 10 प्रमुख फोकस क्षेत्रों को तय किया गया है, जिनमें इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर विशेष जोर दिया गया है। दिल्ली नगर निगम को पहली बार 11,600 करोड़ रुपये का प्रावधान दिया गया है। सड़कों के विकास के लिए अतिरिक्त 1,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। लोक निर्माण विभाग को 5,921 करोड़ रुपये और शहरी विकास विभाग को 7,000 करोड़ रुपये से अधिक राशि दी गई है। यमुना विकास बोर्ड को 300 करोड़ रुपये दिए गए हैं, जबकि अनधिकृत कॉलोनियों के विकास के लिए 800 करोड़ और विकास विभाग के लिए 900 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।
Delhi Budget: इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने के लिए 1,392 करोड़ रुपये से 700 किलोमीटर से अधिक सड़कों को धूल मुक्त बनाया जाएगा। फुट ओवर ब्रिज के निर्माण के लिए 25 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। बारापूला एलिवेटेड कॉरिडोर फेज-3 के लिए 200 करोड़ रुपये दिए गए हैं, जबकि लोनी रोड अंडरपास के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान है। साथ ही कई फ्लाईओवर और कॉरिडोर परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने की योजना है।
Delhi Budget: ऊर्जा और पर्यावरण के क्षेत्र में 3,942 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए नालों पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे और बिजली के तारों को भूमिगत किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य दिल्ली को विकसित और हरित शहर के रूप में आगे बढ़ाना है, जिसके लिए नई कॉलोनियों और आधुनिक सुविधाओं के विकास पर भी जोर दिया गया है।

