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CG News : सरस मेले का जलवा, महिलाएं बन रहीं आत्मनिर्भर, स्थानीय उत्पादों को मिल रहा बढ़ावा...

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यह मेला महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता और आर्थिक स्वतंत्रता का प्रतीक बन गया है।

CG News : रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार के सुशासन और महिला सशक्तिकरण की मिसाल बन चुके सरस मेले ने एक बार फिर अपनी छाप छोड़ी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में आयोजित इस मेले ने न केवल स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित किया है, बल्कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में भी अहम भूमिका निभाई है। यह मेला महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता और आर्थिक स्वतंत्रता का प्रतीक बन गया है।


CG News : सरस मेले का उद्देश्य-
सरस मेला का मुख्य उद्देश्य स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को अपने हस्तशिल्प, कृषि उत्पाद और अन्य स्थानीय उत्पादों को बेचने के लिए एक मंच प्रदान करना है। इससे न केवल महिलाओं की आय में वृद्धि हो रही है, बल्कि उनका आत्मविश्वास भी बढ़ रहा है। मेले में छत्तीसगढ़ के साथ-साथ अन्य राज्यों की महिलाओं ने भी हिस्सा लिया, जिससे यह एक राष्ट्रीय स्तर का आयोजन बन गया।


CG News : महिलाओं की आर्थिक सशक्तिकरण-
रायगढ़ में आयोजित दस दिवसीय सरस मेले में महिला समूहों ने लगभग 1 करोड़ रुपये के उत्पाद बेचे। यह आंकड़ा महिलाओं की आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा, ऐसे मेलों से न केवल व्यापार को लाभ होता है, बल्कि महिलाओं की पहचान भी मजबूत होती है। यह राज्य की माताओं और बहनों के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा।


CG News : स्थानीय उत्पादों को मिला बढ़ावा-
सरस मेले में छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजन जैसे ठेठरी, मुरकु, हिरवा रोटी, डुसका, फरहा, चिला, आईसा, पीठा, गुलगुला भजीया, देहाती बड़ा, चौसेला, ठेकुवा आदि की भरमार थी। इसके अलावा, बस्तर के धातु शिल्प कला और रायगढ़ के एकताल जैसे स्थानीय उत्पादों को भी लोगों ने खूब सराहा। बस्तर के लाल चावल, लोकटी, माच्छी चावल, बस्ता भोग चावल, काला चावल, सुरजपुर और सरगुजा का जीराफुल चावल, बीजापुर का जिंक राइस जैसे जैविक उत्पादों की भी मेले में विशेष मांग रही।


CG News : सांस्कृतिक कार्यक्रम और मनोरंजन-
सरस मेला केवल व्यापार का मंच नहीं है, बल्कि यह सांस्कृतिक कार्यक्रमों और मनोरंजन का भी केंद्र है। मेले में महिलाओं के लिए रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ बॉक्स क्रिकेट, बॉक्स बैडमिंटन, रस्साकस्सी, कुर्सी दौड़, मटका फोड़, निशानेबाजी जैसे खेलों का आयोजन किया गया। रायगढ़ जिले के स्कूली बच्चों और स्वशायी संस्थाओं, राज्य और अन्य राज्यों के स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने साहित्यिक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिन्हें दर्शकों ने काफी सराहा।


CG News : सरकारी योजनाएं और समर्थन-
छत्तीसगढ़ सरकार महिला सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य में महतारी वंदन योजना की शुरुआत की गई है, जिसके तहत महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय छत्तीसगढ़ को एक मॉडल स्टेट बनाने की दिशा में लगातार काम कर रहे हैं। सरस मेला जैसी पहलें महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और राज्य के विकास में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने में सहायक हैं।


CG News : भविष्य की योजनाएं-
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सरस मेले जैसे आयोजनों को और बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने कहा, हमारा लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ की हर महिला आत्मनिर्भर बने और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करे। सरस मेला छत्तीसगढ़ में महिलाओं के सशक्तिकरण और स्थानीय उत्पादों के प्रोत्साहन का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन गया है। यह मेला न केवल महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता दे रहा है, बल्कि राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भी बढ़ावा दे रहा है।

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