बेहोशी की हालत में नकली दांत निगल गया कार्डियक पेशेंट, एम्स में हुए जटिल ऑपरेशन के बाद निकाला...
- Rohit banchhor
- 04 Feb, 2025
टीम ने वीडियो असिस्टेड थोरैकोस्कोपिक सर्जरी तकनीक का उपयोग कर दांत को बाहर निकाल लिया।
MP News : भोपाल। राजधनी भोपाल के एम्स हॉस्पिटल के चिकित्सकों ने बुजुर्ग के गले में फंसे नकली दांत को निकालने जटिल ऑपरेशन कर बुजुर्ग की जान बचाई है। दरअसल हार्ट की गंभीर बीमारी से जूझ रहे राजधानी के 65 वर्षीय मरीज बेहोशी के दौरान नकली दांत निगल गए थे। जिससे दांत उसके में फंस गया। मरीज को खाना निगलने में परेशानी होने पर एम्स में जांच कराई तो पता चला कि दांत उसकी आहार नली के अंदरूनी हिस्से में अटक गया है। सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और कार्डियोथोरैसिक सर्जरी विभाग की विशेषज्ञ टीम ने वीडियो असिस्टेड थोरैकोस्कोपिक सर्जरी तकनीक का उपयोग कर दांत को बाहर निकाल लिया।
MP News : मालूम हो कि इससे पहले मरीज कई अस्पताल गया, जहां एंडोस्कोपिक तकनीक से दांत निकालने की कोशिश की गई। डॉक्टरों के मुताबिक वीएटीएस एक न्यूनतम इनवेसिव प्रक्रिया है, जिसमें छाती खोलने की जरूरत नहीं होती और छोटे-छोटे चीरे के जरिए ऑपरेशन किया जाता है। टीम में सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के अतिरिक्त प्रोफेसर डॉ. विशाल गुप्ता ने किया। इसमें डॉ. योगेश निवारिया (कार्डियोथोरैसिक सर्जरी), डॉ. जैनब (एनेस्थीसिया विशेषज्ञ), डॉ. श्रीराम और डा. गौरव (सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी), डॉ. पीयूष पाठक (गैस्ट्रोएंटेरोलाजिस्ट) आदि शामिल रहे।
MP News : एम्स के चिकित्सकों ने बताया कि डॉ. जैनब ने एनेस्थीसिया देने के बाद सर्जन ने एक छोटा चीरा लगाकर कैमरा युक्त छोटी ट्यूब आहार नहीं तक पहुंचाई। एंडोस्कोपी की मदद से गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट ने दांत की सटीक स्थिति का निर्धारण किया। विशेष उपकरणों की मदद से धीरे-धीरे दांत को बिना एसोफैगस को नुकसान पहुंचाए निकाला गया। इस दौरान कोई बड़ी ओपन सर्जरी नहीं करनी पड़ी, जिससे मरीज को कम दर्द और तेजी से रिकवरी का लाभ मिला।

