अंतर्राष्ट्रीय डेलिगेट्स के साथ एमपी मेडिकल टूरिज्म को बढ़ाने पर हुआ मंथन
भोपाल। राजधानी भोपाल के कुशाभाव ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में स्वास्थ्य पर्यटन और वेलनेस से संबंधित अतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधियों के समूह और राज्य के हेल्थ, मेडिकल और टूरिज्म के प्रमुख हितधारकों के साथ चर्चा की गई। इस अवसर पर प्रमुख सचिव, पर्यटन शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि मध्यप्रदेश आने वाले समय में मेडिकल और वेलनेस टूरिज्म का केंद्र बनेगा। मध्यप्रदेश पर्यटन गन्तव्य स्थल अपने आप में वेलनेस स्थल है। यहां की प्राकृतिक नैसर्गिक सुंदरता और शांति के साथ आयुर्वेदीय जड़ी बूटियों और औषधीय वनोपज की पर्याप्त उपलब्धता है।
प्रमुख सचिव शुक्ला ने कहा कि पर्यटन के साथ-साथ स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता के द्रष्टिगत मध्यप्रदेश उच्च स्तरीय अंतराष्ट्रीय स्तर की सेवाएं देने के लिए सक्षम है। साथ ही विदेश और अन्य राज्यों की तुलना में चिकित्सा सुविधाएं काफी सस्ती हैं । हमारे चिकित्सक अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने में सक्षम हैं । शुक्ला ने चिकित्सा और पर्यटन के सभी हितधारकों को साझा प्रयास कर मेडिकल और वेलनेस टूरिज्म को बढ़ावा देने का आग्रह किया। साथ ही शासन द्वारा हर संभव सहायता देने का आश्वासन भी दिया। कार्यक्रम का उद्देश्य मध्यप्रदेश में मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के साथ, ‘मेडिकल और वेलनेस’ के हित धारकों के बीच सहयोग के अवसरों को सृजित करना था। कार्यशाला में इस बात पर भी बल दिया गया कि प्रदेश के सभी स्वास्थ्य संस्थाओं, वहाँ उपलब्ध सेवाओं तथा उपचार के सम्पूर्ण पैकेज आदि की जानकारी वेबसाइट पर देने से बेहतर प्रचार प्रसार होगा।
विदेशी प्रतिनिधियों ने उनके देश के साथ MoU करने की संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला। इथोपिया और उज्बेकिस्तान से आए सभी डेलीगेट्स शुक्रवार को इंदौर में मेडिकल और वेलनेस की सुविधाओं और आवश्यक अधोसंरचनाओं पर अवसरों एवं संभावनाओं पर हितधारकों से चर्चा करेंगे।
बैठक में स्वास्थ्य मंत्रालय गणराज्य उज्बेकिस्तान उप प्रमुख शोखोबुद्दीन गुल्यामोव, अब्दुजामोल जुराऐव, एलूबाबोर बूनो और इथियोपिया के स्वास्थ्य मंत्रालय से डॉ. आइरुसलेम बेफेकाडु येरडॉ, डॉ. टेजिना रेगास्सा शामिल हुए। सभी ने मध्यप्रदेश में मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने एवं आवश्यक अधोसंरचना सहित प्रयासों पर चर्चा की। मध्यप्रदेश में मेडिकल और वेलनेस टूरिज्म की वर्तमान सुविधाओं एवं अवसरों पर प्रजेन्टेशन भी दिया गया। अंतर्राष्ट्रीय डेलिगेट्स ने सुबह यूनेस्को विश्व धरोहर सांची की यात्रा की और शाम को भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में अंतर्राष्ट्रीय वन मेले का अवलोकन भी किया ।

