World Sickle Cell Day 2025: विश्व सिकल सेल दिवस आज, माता-पिता से बच्चों में पहुंचती है ये गंभीर बीमारी, जानें लक्षण और बचाव के उपाय
World Sickle Cell Day 2025: नई दिल्ली: प्रत्येक वर्ष 19 जून को विश्व सिकल सेल दिवस (World Sickle Cell Day) मनाया जाता है। इसका उद्देश्य इस गंभीर अनुवांशिक रक्त विकार (genetic blood disorder) के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना है। यह बीमारी विश्व भर में लाखों लोगों को प्रभावित करती है, विशेष रूप से उन क्षेत्रों में जहां स्वास्थ्य सुविधाएं सीमित हैं। सिकल सेल एनीमिया एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर की लाल रक्त कोशिकाएं (RBCs) अपनी सामान्य गोल और लचीली आकृति खोकर हंसिए (sickle) जैसी हो जाती हैं। इससे रक्त संचार में बाधा उत्पन्न होती है और शरीर के विभिन्न हिस्सों में ऑक्सीजन की आपूर्ति प्रभावित होती है।
सिकल सेल रोग एक अनुवांशिक रक्त विकार है जो माता-पिता से बच्चों में जीन के माध्यम से स्थानांतरित होता है। इस बीमारी में लाल रक्त कोशिकाएं असामान्य आकार की हो जाती हैं, जिसके कारण वे जल्दी टूट जाती हैं और ऑक्सीजन ले जाने की उनकी क्षमता कम हो जाती है। इस वजह से रोगी को दर्द, सूजन और शरीर के अंगों की कार्यक्षमता में कमी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। यदि इसका समय पर उपचार न किया जाए, तो यह स्थिति जानलेवा भी हो सकती है।
इस बीमारी के प्रमुख लक्षणों में जोड़ों, मांसपेशियों और हड्डियों में तेज दर्द, हाथ-पैरों में सूजन, लगातार थकान और कमजोरी, त्वचा व आंखों में पीलापन (एनीमिया का संकेत), किडनी से संबंधित समस्याएं, बच्चों के विकास में रुकावट, आंखों की रोशनी में कमी और बार-बार होने वाले संक्रमण शामिल हैं। ये लक्षण रोग की गंभीरता के आधार पर अलग-अलग हो सकते हैं।
सिकल सेल रोग एक आनुवंशिक बीमारी है, जो माता-पिता से बच्चों में फैलती है। यदि माता-पिता में से किसी एक या दोनों में सिकल सेल जीन मौजूद हो, तो बच्चे में इस बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए विवाह से पहले जेनेटिक काउंसलिंग और टेस्टिंग कराना आवश्यक है। इससे यह पता लगाया जा सकता है कि दोनों व्यक्तियों में सिकल सेल ट्रेट मौजूद है या नहीं, जिससे भविष्य में बच्चों को इस बीमारी से बचाने में मदद मिल सकती है।
इस बीमारी से बचाव के लिए कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाए जा सकते हैं। विवाह से पहले जेनेटिक टेस्ट करवाना, परिवार में बीमारी का इतिहास होने पर नियमित मेडिकल जांच, बच्चों में लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क, संक्रमण से बचाव के लिए टीकाकरण, संतुलित आहार और पर्याप्त जलयोजन बनाए रखना, साथ ही शारीरिक तनाव और अत्यधिक ठंड या गर्मी से बचना जरूरी है। ये उपाय बीमारी के जोखिम को कम करने में सहायक हो सकते हैं।
वर्तमान में सिकल सेल एनीमिया का कोई स्थायी इलाज उपलब्ध नहीं है, लेकिन इसके लक्षणों को प्रबंधित कर प्रभाव को कम किया जा सकता है। उपचार के विकल्पों में हाइड्रोक्सी यूरिया दवा शामिल है, जो दर्द के दौरे और अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता को कम करती है। इसके अलावा, आवश्यकता पड़ने पर रक्त आधान (blood transfusion), दर्द प्रबंधन और संक्रमण नियंत्रण के उपाय अपनाए जाते हैं। जीन थेरेपी भी एक उभरता हुआ उपचार है, जो शोध के दौर में है और गंभीर मामलों में आशाजनक परिणाम दे रही है।
विश्व सिकल सेल दिवस 2025 हमें इस गंभीर बीमारी के प्रति जागरूक होने और इसके रोकथाम के लिए कदम उठाने का अवसर प्रदान करता है। समय पर जांच, जागरूकता और उचित देखभाल से सिकल सेल एनीमिया के खतरों को काफी हद तक कम किया जा सकता है। यह बीमारी भले ही गंभीर हो, लेकिन सही प्रबंधन और सावधानी से प्रभावित लोगों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार संभव है।

