यूजी-पीजी में 50 नहीं, 35 फीसदी क्रेडिट अंक मिलने पर पास होंगे स्टूडेंट्स
भोपाल। प्रदेश के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में पासिंग मार्क्स 50 फीसदी होने से यूजी-पीजी में फेल स्टूडेंट्स की संख्या बढ़ रही है। इसके चलते कई स्टूडेंट्स गलत कदम उठा लेते हैं। इसको देखते हुए शासन ने कमेटी गठित कर पासिंग मार्क्स को दोबारा से निर्धारित किया है। अब पासिंग मार्क्स में 15 फीसदी की कटौती की गई है। वर्तमान सत्र में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थी 35 फीसदी क्रेडिट अंक मिलने पर पास हो जाएंगे। गौरतलब है कि पूर्व में विद्यार्थी 33 फीसदी मार्क्स मिलने पर पास हो जाते थे। नई शिक्षा नीति में शासन ने पासिंग मार्क्स बढ़ाकर 50 फीसदी कर दियाथा। इससे विद्यार्थियों पर दबाव काफी बढ़ गया था। फेल होने से दुखी कुछ विद्यार्थियों के आत्महत्या करने के प्रकरण भी सामने आए थे।
इसको देखते हुए उच्च शिक्षा विभाग ने चार सदस्यीय कमेटी बनाई थी। इसमें रानी दुर्गावति विवि जबलपुर के कुलगुरु प्रो. राजेश वर्मा, एक्सीलेंस कॉलेज, भोपाल के डायरेक्टर डॉ. प्रज्ञेश अग्रवाल सहित अन्य शामिल थे।कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि पूर्व में पासिंग मार्क्स 33 फीसदी होते थे। इससे विद्यार्थी आसानी से पास हो जाते थे। इसे बढ़ाकर 50 फीसदी क्रेडिट अंक करने से फेल स्टूडेंट्स की संख्या बढ़ रही है। कई स्टूडेंट्स गलत कदम उठा लेते हैं। इसलिए पासिंग मार्क्स में 15 फीसदी की कटौती और पूर्व के अंकों में दो फीसदी की बढ़ोतरी की जा सकती है। इससे फेल होने वाले विद्यार्थियों की संख्या में बढ़ोतरी नहीं होगी। कमेटी ने सुझाव दिया है कि पूर्व में विद्यार्थी 33 फीसदी अंक में पास हो जाते थे, इसलिये अब उन्हें 35 फीसदी क्रेडिट अंक देकर पास किया जा सकता है।

