छात्रों और युवाओं तक इंदिरा गांधी के विचार पहुँचाने की ज़िम्मेदारी हम सबकी : पीसी शर्मा
- Rohit banchhor
- 19 Jan, 2025
कार्यक्रम प्रभारी पूर्व मंत्री पी.सी.शर्मा, पूर्व सांसद राजमणि पटेल सहित प्रदेश के 130 विधानसभा क्षेत्रों के समन्वयकों व टीम लीडर्स मौजूद रहे।
MP News : भोपाल। राजधानी भोपाल के गांधी भवन में आज इंदिरा गांधी की 108 वीं जयंती वर्ष को इंदिरा जयंती सृजन वर्ष के रूप में मनाने के लिए इंदिरा ज्योति अभियान का शुभारंभ हुआ। सम्यक अभियान द्वारा इंदिरा गांधी के कार्यों व विचारों तथा नवक्रांति के संकल्प के साथ 9 मुद्दों को हर घर,हर द्वार तक पहुंचाने के उद्देश्य से भास्कर राव रोकड़े ने इस अभियान को शुरू किया हैं। इस मौके पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से कार्यक्रम प्रभारी पूर्व मंत्री पी.सी.शर्मा, पूर्व सांसद राजमणि पटेल सहित प्रदेश के 130 विधानसभा क्षेत्रों के समन्वयकों व टीम लीडर्स मौजूद रहे।

MP News : अभियान की शुरुआत में निर्णय लिया गया की चलित व ध्यानाकर्षक इंदिरा ज्योति जिसमें सामने की ओर इंदिरा गांधी की तस्वीर , दोनों ओर सम्यक अभियान के 9 मुद्दे दिए लिखे गए है, ऊपर की ओर इलेक्ट्रिक ज्योति तथा कांग्रेस का झंडा लगा हुआ है, को प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में दस-दस टीम लीडर्स क्षेत्र समन्वयक के नेतृत्व में हर घर,हर द्वार तक पहुंचाएंगे। भास्कर राव रोकड़े ने समारोह को संबोधित करते हुए बताया कि सम्यक विकास,नव-क्रांति के नारे के साथ क्षेत्र के समन्वयक टीम लीडर्स के साथ इंदिरा ज्योति अभियान को आगे बढ़ाते हुए प्रत्येक गांव या बूथ में 5 सम्यक मित्र व 5 क्रांति दूत बनायेंगे।
MP News : क्रांतिदूत व सम्यक मित्र मिलकर ग्राम व नगरवासियों को सम्यक विकास व नवक्रांति हेतु संगठित करेंगे। वे युवाओं में आत्मविश्वास जगाने तथा हर आयु वर्ग के लोगों में स्वाभिमान युक्त आत्मनिर्भरता के भाव पैदा करने हेतु वातावरण भी बनाएंगे। इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि आज की नयी पीढ़ी भारत निर्माण के काम में हमारे महान नेताओं के योगदान को भूलती जा रही है और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने जिस प्रकार देश का निर्माण किया है उन विचारों की आज ज़रूरत है। उन्होंने इंदिरा ज्योति कार्यक्रम में यूथ कांग्रेस और NSUI की भूमिका बढ़ाने की ज़रूरत बतायी। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी के लोगों को इस कार्यक्रम से जोड़ना चुनौती भी है और ज़रूरत भी है।

