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तीन दिवसीय आयुर्वेद पर्व 2025 और आरोग्य मेले का शुभारंभ, मुख्यमंत्री ने आयुर्वेद के महत्व पर जताया विश्वास

इस दौरान मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय संगोष्ठी का उद्घाटन किया और आयुर्वेद पर आधारित स्मारिका का विमोचन भी किया।

तीन दिवसीय आयुर्वेद पर्व 2025 और आरोग्य मेले का शुभारंभ, मुख्यमंत्री ने आयुर्वेद के महत्व पर जताया विश्वास
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MP News : भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज शहर के कलियासोत डेम के पास स्थित पंडित खुशीलाल शर्मा आयुर्वैदिक महाविद्यालय में आयोजित तीन दिवसीय आयुर्वेद पर्व 2025 और आरोग्य मेले का शुभारंभ किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय संगोष्ठी का उद्घाटन किया और आयुर्वेद पर आधारित स्मारिका का विमोचन भी किया।

MP News : आयोजन में प्रदर्शनी, नि:शुल्क चिकित्सा शिविर, व्यावसायिक बैठक और औषधीय पौधों का प्रदर्शन मुख्य आकर्षण थे। इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार, विधायक भगवानदास सबनानी और पद्मश्री एवं पद्मभूषण से अलंकृत वैद्य देवेन्द्र त्रिगुणा भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने आयुर्वेद के प्रति अपने विश्वास को व्यक्त करते हुए कहा कि कई लोग यह मानते हैं कि आयुर्वेद का असर धीमा होता है, लेकिन उनके लिए यह पद्धति बहुत तेज़ असरदार रही है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पिछली बार जब वह इस मंच पर आए थे तो उच्च शिक्षा मंत्री थे और आज आयुर्वेद के इस सम्मेलन में मुख्यमंत्री के रूप में शामिल हुए हैं। यह आयुर्वेद की प्रभावशीलता का एक सशक्त प्रमाण है।

MP News : आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा देने की योजना-
सीएम ने इस अवसर पर मध्यप्रदेश सरकार के प्रयासों का उल्लेख किया, जिसमें आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति को रिसर्च आधारित बनाने के लिए कार्य किया जा रहा है। इसके तहत पतंजलि विश्वविद्यालय और अन्य आयुर्वेद विश्वविद्यालयों के साथ एमओयू भी किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि आने वाले समय में आयुर्वेद पद्धति को और अधिक प्रोत्साहन मिलेगा। मुख्यमंत्री ने आदिवासियों में सिकलसेल एनीमिया जैसी बीमारियों के इलाज में आयुर्वेद की भूमिका की भी सराहना की और इसके अच्छे परिणामों का उल्लेख किया।

MP News : यूनानी पद्धति को हिंदी में पढ़ाने की घोषणा-
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने एक और अहम घोषणा की, जिसमें उन्होंने कहा कि अब यूनानी पद्धति को भी हिंदी में पढ़ाया जाएगा। यह निर्णय आयुर्वेद और यूनानी चिकित्सा पद्धतियों को और अधिक प्रचलित बनाने और लोगों के बीच जानकारी का विस्तार करने के उद्देश्य से लिया गया है।

MP News : आयुष विभाग को मिली स्वायत्तता-
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि अब मेडिकल कॉलेज और नर्सिंग होम के लिए स्वास्थ्य विभाग के पास नहीं जाना पड़ेगा, बल्कि आयुष विभाग ही इसकी अनुमति देगा। मुख्यमंत्री के इस उद्घाटन कार्यक्रम में आयुर्वेद और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं, जो राज्य में इस प्राचीन चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा देने में सहायक होंगे।


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