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CG News : छत्तीसगढ़ में अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन योजना में बड़ा घोटाला, 13 लोगों के खिलाफ FIR का आदेश जारी...
इस घोटाले की जांच के बाद अपर कलेक्टर अरविंद पांडेय ने 13 अपात्र व्यक्तियों के खिलाफ FIR दर्ज कराने का आदेश जारी किया है।

CG News : गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में अस्पृश्यता निवारण के लिए संचालित अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन योजना में बड़े पैमाने पर घोटाले का मामला सामने आया है। इस योजना का दुरुपयोग कर 13 व्यक्तियों ने फर्जी तरीके से 32 लाख 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि अर्जित की है। इन लोगों ने आर्य समाज मंदिर में फर्जी विवाह दस्तावेज प्रस्तुत कर इस योजना का लाभ उठाया, जबकि इनमें से अधिकांश पहले से ही शादीशुदा थे।
CG News : इस घोटाले की जांच के बाद अपर कलेक्टर अरविंद पांडेय ने 13 अपात्र व्यक्तियों के खिलाफ FIR दर्ज कराने का आदेश जारी किया है। योजना के तहत दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि, जो अंतर्जातीय विवाह करने वाले जोड़ों को दी जाती है, को इन व्यक्तियों ने फर्जी प्रमाण पत्र और झूठे दस्तावेजों का उपयोग कर हासिल किया।
CG News : इस मामले की जांच में यह भी सामने आया कि कुछ लोगों ने न केवल दूसरी शादी की, बल्कि पहली शादी और बच्चों की जानकारी को भी छिपाया। कुछ मामलों में, जिन लोगों ने योजना का लाभ उठाया, वे दूसरे जिलों से थे, लेकिन उन्होंने गलत तरीके से गरियाबंद जिले से यह राशि प्राप्त की।
CG News : अब तक की जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि आदिवासी विकास विभाग गरियाबंद के अधिकारियों ने शासन के मानदंडों का पालन किए बिना ही इन अपात्र लोगों को लाभ पहुंचाने में तत्परता दिखाई। इस मामले में अधिक जांच और कार्रवाई के लिए FIR दर्ज कर विस्तृत जांच की जाएगी, ताकि शासकीय राशि के गबन के जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।
CG News : इस घोटाले की जांच के बाद अपर कलेक्टर अरविंद पांडेय ने 13 अपात्र व्यक्तियों के खिलाफ FIR दर्ज कराने का आदेश जारी किया है। योजना के तहत दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि, जो अंतर्जातीय विवाह करने वाले जोड़ों को दी जाती है, को इन व्यक्तियों ने फर्जी प्रमाण पत्र और झूठे दस्तावेजों का उपयोग कर हासिल किया।
CG News : इस मामले की जांच में यह भी सामने आया कि कुछ लोगों ने न केवल दूसरी शादी की, बल्कि पहली शादी और बच्चों की जानकारी को भी छिपाया। कुछ मामलों में, जिन लोगों ने योजना का लाभ उठाया, वे दूसरे जिलों से थे, लेकिन उन्होंने गलत तरीके से गरियाबंद जिले से यह राशि प्राप्त की।
CG News : अब तक की जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि आदिवासी विकास विभाग गरियाबंद के अधिकारियों ने शासन के मानदंडों का पालन किए बिना ही इन अपात्र लोगों को लाभ पहुंचाने में तत्परता दिखाई। इस मामले में अधिक जांच और कार्रवाई के लिए FIR दर्ज कर विस्तृत जांच की जाएगी, ताकि शासकीय राशि के गबन के जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।
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