सेना के बहादुर डॉग ‘फैंटम’ ने दी सर्वोच्च बलिदान, आतंकवादियों की गोलीबारी में शहीद
- Rohit banchhor
- 29 Oct, 2024
व्हाइट नाइट कॉर्प्स ने फैंटम के इस बलिदान को नमन करते हुए एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा, "फैंटम की बहादुरी, वफादारी और समर्पण को कभी नहीं भुलाया जा सकेगा।"
Terrorist Attack : नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के खौर इलाके में नियंत्रण रेखा के पास आतंकवादियों के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान में भारतीय सेना के चार साल के बहादुर डॉग ‘फैंटम’ ने अपनी जान की कुर्बानी दी। मेल बेल्जियन मैलिनोइस नस्ल का यह डॉग आतंकवादियों के खिलाफ अभियान में सैनिकों का साथ दे रहा था। मुठभेड़ के दौरान आतंकवादियों की गोली का शिकार होकर वह गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसके बाद उसकी मृत्यु हो गई। व्हाइट नाइट कॉर्प्स ने फैंटम के इस बलिदान को नमन करते हुए एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा, "फैंटम की बहादुरी, वफादारी और समर्पण को कभी नहीं भुलाया जा सकेगा।"
Terrorist Attack : फैंटम का संक्षिप्त जीवन और बहादुरी का सफर-
फैंटम का जन्म 25 मई, 2020 को हुआ और 12 अगस्त, 2022 को उसे भारतीय सेना में शामिल किया गया। छोटी उम्र में ही उसने कई ऑपरेशनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और अपनी बहादुरी से सभी का दिल जीत लिया। यह मुठभेड़ फैंटम के जीवन का अंतिम ऑपरेशन साबित हुआ, जिसमें उसने अपने साथी सैनिकों की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया।
Terrorist Attack : केंट ने भी निभाई थी अहम भूमिका-
फैंटम की बहादुरी से पहले 2023 में एक और सेना के कुत्ते, केंट ने भी आतंकवादियों के खिलाफ लड़ाई में अपना जीवन बलिदान कर दिया था। केंट, जो 21 आर्मी डॉग यूनिट का हिस्सा थी, जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में आतंकवादियों का पीछा करते हुए गोलीबारी में शहीद हो गई थी। उसने अपने हैंडलर की रक्षा करते हुए जीवन का सर्वोच्च बलिदान दिया। केंट की बहादुरी को भी पूरे सैन्य सम्मान के साथ विदाई दी गई थी।
Terrorist Attack : आतंकवादियों के खिलाफ सैन्य अभियान जारी-
इस बीच, सुरक्षा बलों ने जम्मू क्षेत्र के अखनूर सेक्टर में छिपे आतंकवादियों के खिलाफ ऑपरेशन तेज कर दिया है। मंगलवार सुबह सुरक्षा बलों ने एक आतंकवादी को मार गिराया, जिससे अब तक कुल दो आतंकवादी ढेर हो चुके हैं। तीसरे आतंकवादी को पकड़ने का प्रयास जारी है, जो जोगवान गांव के वन क्षेत्र में अस्सन मंदिर के पास छिपा हुआ है। सोमवार सुबह भी नियंत्रण रेखा (LoC) के पास सेना के काफिले पर गोलीबारी की गई थी, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने इन आतंकियों के खिलाफ व्यापक अभियान छेड़ दिया।

