Bofors case: दोबारा खुल सकता है बोफोर्स मामला, अमेरिका को न्यायिक अनुरोध भेजेगी CBI, जानें क्यों उठाया जा रहा है ये कदम
- Pradeep Sharma
- 01 Dec, 2024
Bofors case: बोफोर्स मामला फिर खुल सकता है। इस मामले में सीबीआई जल्द ही प्राइवेट जासूस माइकल हर्शमैन से जानकारी मांगने के
नई दिल्ली। Bofors case: बोफोर्स मामला फिर खुल सकता है। इस मामले में सीबीआई जल्द ही प्राइवेट जासूस माइकल हर्शमैन से जानकारी मांगने के लिए अमेरिका को न्यायिक अनुरोध भेजेगी। हर्शमैन ने 64 करोड़ रुपए के बोफोर्स रिश्वत घोटाले के बारे में महत्वपूर्ण विवरण भारतीय एजेंसियों के साथ साझा करने की इच्छा जताई थी।
Bofors case: जानें क्या कहा था हर्शमैन ने फेयरफैक्स समूह के प्रमुख हर्शमैन ने प्राइवेट जासूसों के सम्मेलन में भाग लेने के लिए 2017 में भारत आए थे। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया था कि घोटाले की जांच में कांग्रेस सरकार ने रोड़े अटकाए। हर्शमैन ने कहा कि वह सीबीआई के साथ विवरण साझा करने के इच्छुक थे। सीबीआई ने कई साक्षात्कारों में उनके दावों पर ध्यान दिया और 2017 में कहा कि मामले की उचित प्रक्रिया के अनुसार जांच की जाएगी।
Bofors case: बता दें कि तत्कालीन राजीव गांधी सरकार के दौरान होवित्जर तोपों के लिए स्वीडिश फर्म बोफोर्स के साथ 1,437 करोड़ रुपए के सौदे में रिश्वतखोरी के आरोप लगे थे। दिल्ली हाई कोर्ट ने इस मामले में 2004 में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को दोषमुक्त कर दिया था। कोर्ट ने एक साल बाद इस मामले में हिंदुजा बंधुओं सहित शेष आरोपितों के खिलाफ सभी आरोपों को खारिज कर दिया था। कथित बिचौलिया ओतावियो क्वात्रोची भी 2011 में अदालत से बरी हो गया था।

