Indo US Joint Statement trade deal: डेयरी में कुछ भी नहीं खोला, किसानों का रखा ध्यान: ट्रेड डील पर पीयूष गोयल ने दूर की कन्फ्यूजन, देखें लाइव
- Pradeep Sharma
- 07 Feb, 2026
Indo US Joint Statement trade deal: नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम ट्रेड डील की रूपरेखा जारी होने के बाद उठ रहे सवालों के बीच केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री
Indo US Joint Statement trade deal: नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम ट्रेड डील की रूपरेखा जारी होने के बाद उठ रहे सवालों के बीच केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को प्रेस वार्ता स्पष्ट किया है कि इस समझौते में भारत के किसानों, MSME, हैंडीक्राफ्ट और हैंडलूम सेक्टर के हितों से कोई समझौता नहीं किया गया है।
Indo US Joint Statement trade deal: उन्होंने कहा कि जीएम फूड्स, मीट और डेयरी उत्पादों पर किसी भी तरह की रियायत नहीं दी गई है। मीडिया से बातचीत में गोयल ने कहा, डंके की चोट पर कह सकता हूं कि भारत के किसानों और छोटे उद्योगों के हित पूरी तरह संरक्षित हैं। भारत का बाजार केवल कुछ चुनिंदा वस्तुओं के लिए ही खोला गया है।
Indo US Joint Statement trade deal: अमेरिकी बाजार में भारत को बेहतर पहुंच
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इस डील के तहत अमेरिका द्वारा भारतीय उत्पादों पर लगाए गए 50 फीसदी रेसिप्रोकल टैरिफ को घटाकर 18 फीसदी कर दिया गया है। यह दर भारत के प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में कम है, जिससे भारतीय निर्यातकों को बड़ा लाभ मिलेगा। गोयल ने कहा, यह टैरिफ हमारे पड़ोसी देशों और अन्य प्रतिस्पर्धी अर्थव्यवस्थाओं से कम है। इससे आने वाले समय में भारत के एक्सपोर्ट को नई रफ्तार मिलेगी।
Indo US Joint Statement trade deal: कई उत्पादों पर 0 फीसदी ड्यूटी
गोयल ने बताया कि कई प्रमुख निर्यात वस्तुओं पर अमेरिका में शून्य शुल्क जारी रहेगा। इनमें शामिल हैं—
1.रत्न और हीरे
2.फार्मास्युटिकल उत्पाद
3.स्मार्टफोन
इसके अलावा कृषि क्षेत्र में भी मसाले, चाय, कॉफी, नारियल, काजू, सुपारी, ब्राजील नट, चेस्टनट, कई फल और सब्जियों पर 0 फीसदी रेसिप्रोकल टैरिफ लागू होगा।
Indo US Joint Statement trade deal: हैंडीक्राफ्ट सेक्टर को बड़ी उम्मीद
गोयल ने उत्तर प्रदेश के संभल के एक हैंडीक्राफ्ट कारीगर का उदाहरण देते हुए कहा कि टैरिफ घटने से नए ऑर्डर आएंगे और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि देशभर में इस समझौते को लेकर उत्साह का माहौल है।
Indo US Joint Statement trade deal: 2047 के विकसित भारत की दिशा में अहम कदम
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह समझौता 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने बताया कि इस डील का उद्देश्य भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार को 500 अरब डॉलर तक पहुंचाना है। गोयल ने कहा, टेक्सटाइल और अपैरल सेक्टर में भारत को बड़ा फायदा होगा। यह एक संतुलित और भविष्यदर्शी समझौता है।
Indo US Joint Statement trade deal: डील की प्रमुख शर्तें
1.अमेरिका भारतीय वस्तुओं पर टैरिफ 50% से घटाकर 18% करेगा।
2. भारत अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं और कृषि उत्पादों पर आयात शुल्क घटाएगा या समाप्त करेगा।
3. भारत अगले पांच वर्षों में अमेरिका से 500 अरब डॉलर के ऊर्जा, विमान, तकनीक और कच्चे माल की खरीद करेगा।
4.अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूसी तेल खरीद को लेकर भारत पर लगाया गया 25% अतिरिक्त शुल्क हटाया।
वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि भारत ने व्यापार संतुलन और वैश्विक जिम्मेदारियों के तहत कई अहम कदम उठाए हैं, जिनमें रूस से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तेल आयात बंद करने का फैसला भी शामिल है।

